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मिडिल ईस्ट में जंग के बीच तेल का संकट…रूस ने भारत की ओर बढ़ाया मदद का हाथ, देश में बचा इतने दिनों का स्टॉक

PM Modi And Vladimir Putin

पीएम मोदी से फोन पर पुतिन ने की बात

Oil Crisis: ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में बहुत बुरे हालात हैं. तेहरान की जवाबी कार्रवाई ने पश्चिमी एशिया के देशों को जंग की आग में झोंक दिया है. खबर है कि ईरान ने होर्मूज खाड़ी को बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में कोहराम मच गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 700 ऑयल टैंकर्स यहां फंसे हुए हैं. इससे तेल संकट बढ़ गया है. इसकी आंच भारत पर भी दिखाई देने लगी है.

भारत के पास कितने दिनों का स्टॉक बचा है?

भारत के पास क्रूड और रिफाइंड ऑयल का केवल 50 दिनों का स्टॉक बचा हुआ है. अब रूस ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार रूस ने संकेत दिए है कि खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति में दिक्कत आती है तो वह भारत को एनर्जी सप्लाई में मदद करेगा.

रूस ने भारत की ओर मदद का हाथ ऐसे वक्त में बढ़ाया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते जा रहा है और ऊर्जा बाजार अस्थिर दिखाई दे रहा है. होर्मूज की खाड़ी से ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का व्यापार होता है.

भारत सरकार का क्या कहना है?

भारत सरकार की ओर से मंगलवार (3 मार्च) को बयान जारी करके कहा गया कि देश के पास पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल और ईंधन का भंडार है. जिससे वह छोटी अवधि के लिए झटकों का सामना कर सकता है. देश का करीब आधा कच्चा तेल और LPG होर्मूज की खाड़ी से आयात होता है. ईरान-इजरायल और यूएस युद्ध के कारण यहां की शिपिंग एक्टिविटी पर प्रभाव पड़ा है.

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वहीं, आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि भारत के पास इस समय क्रूड ऑयल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कुल 50 दिनों का भंडार है. जिसमें 25 दिनों का कच्चा तेल और 25 दिन के लिए पेट्रो उत्पाद शामिल हैं.

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