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ईरान में छपी ‘रिवेंज लिस्ट’, ट्रंप, नेतन्याहू समेत 13 नेताओं के नाम से मचा हड़कंप

ईरान ने जारी कर दी लिस्‍ट

ईरान ने जारी कर दी लिस्‍ट

Iran revenge list: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. हर रोज यह तनाव बढ़ता ही जा रहा है. इन सब के बीच पिछले द‍िनों इजरायल की तरफ से एक खूफ‍िया जानकारी दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि ईरान की हिटलिस्‍ट में अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप सबसे ऊपर हैं. अब इन सब के बीच एक और लिस्‍ट सामने आई हैं. जिसमें दुन‍ियाभर के 13 नेता ईरान की हिट लिस्‍ट में शामिल हैं.

ईरान के एक अखबार हमशहरी ने एक इन्फोग्राफिक पब्‍ल‍िश किया है, जिसमें अमेरिका, इजरायल और यूरोप के 13 बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं. अखबार का दावा है कि ये वे लोग हैं जिन्हें ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है.

प‍िता की मौत का बदला लेंगे मोजतबा?

यह लिस्ट उस समय सामने आई, जब नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता की मौत का बदला लेने की बात कही है. उन्होंने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में कहा कि ईरान इस हमले का जवाब जरूर देगा. हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया.

अखबार में जिन नेताओं के नाम छपे हैं, उनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ समेत अमेरिका और इजरायल के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.

ईरान के न‍िशानें पर यूरोप क्‍यों?

यूरोपीय नेताओं के नाम इसलिए भी जोड़े गए हैं क्योंकि ईरान का आरोप है कि उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई का विरोध नहीं किया और कुछ देशों ने अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी. हालांकि, अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि यह सूची ईरान सरकार की आधिकारिक सूची है या सरकार ने इसे मंजूरी दी है.

अमेर‍िका और ईरान में बढ़ रहा तनाव

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है. अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि ईरान ने उन देशों की ओर मिसाइलें दागीं जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

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