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ईरान-अमेरिका की बैक चैनल बातचीत के लिए इन देशों ने की बड़ी पहल, भारत का भी अहम रोल!

Iran-US War Update

डोनाल्ड ट्रंप और मोजतबा खामेनेई

Iran Israel War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि वे 5 दिनों तक ईरान पर हमला नहीं करेंगे. माना जा रहा है कि इस फैसले के पीछे दुनियाभर के कई देशों ने बड़ी पहल की है. सूत्रों के मुताबिक, ओमान और तुर्की के जरिए सक्रिय बैकचैनल वार्ताएं आयोजित की गई थी, जिसके बाद ट्रंप ने शांति का ऐलान किया. ट्रंप के इस फैसले के पीछे भारत ने भी अहम भूमिका निभाई है.

भारत एक ऐसा देश है, जिसका संबंध दोनों देशों (ईरान-अमेरिका) से काफी बेहतर है. ऐसे में भारत दोनों देशों के बीच अहम भूमिका निभाने में मददगार साबित होता है. भारत ने नई दिल्ली में संवाद के रास्ते खुले रखने में मदद की. हालांकि इन गुप्त वार्ताओं का ट्रंप के इस ऐलान वाले फैसले पर कितना प्रभाव पड़ा. यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है. इसके बावजूद कूटनीतिज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के दबाव कम करने और मध्यस्थता कराने में ‘सिक्योरिटी वाल्व’ का काम किया है.

ओमान ने निभाई अहम भूमिका

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मध्यस्थता के पीछे ओमान ने अहम भूमिका निभाई है. ओमान ने दोनों कट्टर प्रतिद्वंदियों को एक मेज पर लाने के लिए ऐतिहासिक काम किया है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ट्रंप के इस फैसले के पीछे तुर्की और ओमान ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब (रियाद), मिस्त्र और भारत ने भी अपनी भूमिका निभाई है.

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वैश्विक तनाव बरकरार

हालांकि, अभी भी वैश्विक तनाव बना हुआ है. कई ऐसे देश भी हैं, जो पर्दे के पीछे से बातचीत कर टकराव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं. पहले खबर आई थी, कि मध्यस्थता कराने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्त्र शांति के लिए बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की भूमिका कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं दी. फिलहाल, ट्रंप के इस शांति ऐलान की खबरों को ईरान ने इनकार कर दिया है और उसे फर्जी करार दिया है. अब देखना यह होगा कि दोनों देश अब आगे क्या कदम उठाते हैं.

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