अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग लगातार जारी है. मिडिल ईस्ट में जारी इस महायुद्ध को आज 4 दिन पूरे हो गए हैं और इसी बीच ईरान में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई है. अब चूंकी युद्ध भी चल रहा है तो ऐसी आशंका जताई जा रही कि कहीं भूकंप के इस झटके के पीछे परमाणु परीक्षण तो नहीं.
परमाणु बम के बीच होड़
दरअसल अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से दुनिया में एक बार फिर से परमाणु बम के बीच होड़ मचने की संभावना जताई जा रही है. क्योंकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ऐसा ऐलान कर दिया है कि दुनिया भर में उसकी चर्चा की जा रही है.
फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाएगा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाएगा. मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस एक बार फिर से एटम बम बनाएगा और अपने न्यूक्लियर बम के बेड़े को बढ़ाएगा. मैक्रों ने आगे ये भी कहा है कि फ्रांस परमाणु बमों की गिनती नहीं बताएगा. सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि आखिर फ्रांस 28 साल बाद ऐसा क्यों करने जा रहा है.
फ्रांस को क्यों पड़ी एटम पावर बढ़ाने की जरूरत?
फ्रांस को ज्यादा एटम बम की जरूरत क्यों महसूस हो रही है. इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को कहा है कि फ्रांस यूरोप की स्वतंत्रता को और मजबूती देने के लिए अपनी नई परमाणु पॉलिसी के तहत सहयोगी देशों को अपने परमाणु-सशस्त्र विमानों की अस्थायी तैनाती की भी मंजूरी देगा. हालांकि, मैक्रों ने ये साफ कर दिया है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर वह किसी भी दूसरे देश के साथ फैसला लेने के लिए साझेदारी नहीं करेगा.
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