America Attack Venezuela: अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस में हवाई हमले करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया, उसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह कार्रवाई कानूनी और राजनीतिक सवालों के घेरे में आ गई. दुनिया भर में अमेरिका की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही है. इतना ही नहीं अमेरिका में अब लोग खुलकर सामने आने लगे हैं. ट्रंप प्रशासन के भीतर खुद मतभेद सामने आ रहे हैं. इस विवाद को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी एक बयान दिया, जिसके बाद मामला और विवादास्पद बन गया.
बता दें, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच काफी महीनों से तनाव चल रहा था, जिसको लेकर नवंबर महीने में व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स ने कहा था अगर वेनेजुएला की जमीन पर हमला होता है तो इसे युद्ध माना जाएगा और इसके लिए कांग्रेस की भी मंजूरी जरूरी होगी. क्योंकि वेनेजुएला में हमला करने का कोई कानूनी आधार नहीं है. इसकी जानकारी खुद ट्रंप प्रशासन को अधिकारियों ने सांसदों को दी थी. इसके बावजूद भी अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद हमले की बात कही और बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उसकी पत्नी सिलिया को पकड़कर न्यूयॉर्क लाया गया. इसकी फोटो भी जारी की गई थी.
ट्रंप के दावे से विदेश मंत्री ने बनाई दूरी
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अब वह वेनेजुएला को चलाएंगे. ट्रंप के इस दावे को विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी सहमति नहीं दी, बल्कि दूरी बना ली. विदेश मंत्री ने तो सफाई भी दी, जिसमें कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को नहीं चला रहा है. बल्कि वह भविष्य की दिशा तय कर रहा है.
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मेट्रोपॉलिन डिटेंशन सेंटर में बंद हैं मादुरो
विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि यह कोई आक्रमण नहीं था और न ही कोई लंबा सैन्य अभियान था, इसलिए इसके लिए कांग्रेस के समर्थन की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ी. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक अभियुक्त ड्रग तस्कर को गिरफ्तार करना था. लेकिन अमेरिका ने पिछले दो महीने पहले ट्रंप प्रशासन द्वारा बताए गए गैरकानूनी और असंभव काम पर कार्रवाई कर दी. फिलहाल, ड्रग तस्करी, आतंकवाद, और अवैध हथियारों से जुडे आरोपों के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिन डिटेंशन सेंटर में बंद हैं. वहीं आलोचकों का कहना है कि दुनिया भर में कई ऐसे लोग हैं, जिन पर अमेरिका में आरोप तय हैं लेकिन उनको पकड़ने के लिए आमतौर पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई नहीं करता. यही वजह है कि यह कार्रवाई गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
