ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जंग जारी है. इस युद्ध में न सिर्फ ईरान को नुकसान हो रहा है बल्कि अमेरिका की भी हर रोज परेशानी बढ़ती जा रही हैं. पिछले दिनों ईरान ने अमेरिका F-15E जेट मार गिराया था. इस हमले के बाद एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट लापता था. ईरान और अमेरिका दोनों ही इस पायलट की तलाश में लगे हुए थे, जिसे कड़ी मश्क्कत के बाद अमेरिका खोज निकाला है.
F-15E जेट के गिरने के बाद से ही पायलट लापता था. ईरान जैसे देश में अमेरिका के पायलट का पता लगाना आसान काम नहीं था. अमेरिका को ये भी डर था कि पायलट ईरान के हाथ ना लग जाए. अगर ऐसा होता तो यूएस के लिए बड़ी परेशानी हो सकती थी. अमेरिका ने पायलट की खोज के लिए एक सर्च ऑपरेशन चलाया था. जो बिल्कुल फिल्मी अंदाज में था. यह मिशन सिर्फ एक पायलट को बचाने का नहीं, बल्कि अमेरिका की साख से भी जुड़ा था.
कहां मिला अमेरिका का पायलट?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि हमने अपने पायलट का सुरक्षित रेस्क्यू कर दिया है. वह घटना के बाद ईरान के पहाड़ों में छिप गया था. हालांकि इस दौरान उसको बहुत खतरा भी था. दुश्मनों की तलाश में लगे हुए थे. ईरान ने पायलट के ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले किसी भी नागरिक को 60,000 डॉलर का इनाम देने की भी घोषणा की थी.
अमेरिका ने पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए बड़ी प्लानिंग से काम किया. इसमें सीआईए ने एक फेक न्यूज फैलाई कि पायलट मिल चुका है. जबकि उस समय रेस्क्यू टीम उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक कर रही थी. जैसे ही लोकेशन पक्की हुई तो स्पेशल कमांडो यूनिट ने भारी गोलाबारी और एयरस्ट्राइक के कवर के बीच उसे बाहर निकाल लिया.
ये भी पढ़ें: तेल लेकर ईरान से भारत आ रहा जहाज चीन की तरफ मुड़ा? बीच समंदर में क्या हुआ?
फिल्मी स्टाइल में किया रेस्क्यू
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पायलट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरा ऑपरेशन गुप्त रखा गया था. जबकि कमांडर इन चीफ, युद्ध सचिव,ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और साथी योद्धा चौबीसों घंटे उसकी स्थिति पर नजर रख रहे थे. इसके साथ ही पूरा प्लान भी उन्हीं के द्वारा तैयार किया गया.
अमेरिका ने अपने पायलट को रेस्क्यू करने के लिए दुनिया के सबसे घातक विमानों का इस्तेमाल किया. इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस ट्रूप्स शामिल थे. साथ में दर्जनों अमेरिकी युद्ध विमान, हेलिकॉप्टर, साइबर, स्पेस और अन्य इंटेलिजेंस क्षमताओं का यूज किया गया. इसके साथ ही पूरी टीम इस ऑपरेशन पर नजर रख रही थी. हालांकि इस दौरान कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा लेकिन पायलट को हम वापस ले आए.
ट्रंप ने बताया कि पायलट को चोटें आई हैं, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा है कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके में अलग-अलग बचाया गया है. उन्होंने कहा कि हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे!. फिलहाल घायल ऑफिसर की हालत स्थिर है
