Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर के देशों को ट्रैफिक की धमकी देने बाद अब बेइज्जती करने पर उतर आए हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के पुनर्निर्माण पर काम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की है. जिसमें शामिल होने के लिए कई देशों को निमंत्रण भेजा है. गुरुवार को ट्रंप ने कनाडा को भेजे गए न्योता को वापस ले लिया. इसकी जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ के माध्यम से दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के माध्यम से वैश्विक संघर्षों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा. यह अब तक का सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच है. गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को संबोधित करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि इस बात का संकेत है ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कनाडा को दिए गए न्योता को वापस ले रहा है.
कितनी है सदस्यता फीस?
- बता दें, डोनाल्ड ट्रंप ने जब इस बोर्ड का गठन किया तो इसका उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण पर काम करना बताया. जिसमें शामिल होने के लिए कई देशों को निमंत्रण दिया.
- इसकी सदस्यता फीस भी निर्धारित की. बोर्ड के अनुसार, अगर कोई इसका स्थायी सदस्य बनता है तो कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा.
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15 देशों का नहीं आया कोई जवाब
‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए अब तक 35 देशों ने सहमति जताई है. जबकि यूरोपीय देश अभी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने सदस्यता को लेकर कोई भी बयानबाजी नहीं की है. ट्रंप ने बोर्ड में शामिल होने के लिए 50 देशों को न्योता भेजा है. इसके बावजूद भी कई देशों का कोई जवाब नहीं आया है. ट्रंप के न्योता में शामिल होने की सहमति के बाद फाइनल सदस्यता सूची जारी की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड के आजीवन अध्यक्ष रह सकते हैं, जबकि सदस्यों का कार्यकाल केवल 3 सालों का ही रहेगा. अब देखना यह होगा कि कनाडा इस मामले को लेकर क्या करता है.
