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क्‍या है मॉस्किटो फ्लीट? जिसने होर्मुज में मचाया तांडव, हमले के बाद पलक झपकते ही गायब

मॉस्किटो फ्लीट में शामिल नाव ( फोटो- सोशल मीड‍िया)

मॉस्किटो फ्लीट ने की फायर‍िंग ( फोटो- सोशल मीड‍िया)

Mosquito Fleet: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देशों की ही तरफ से एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी हो रही है. इन सब के ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से बंद कदर दिया है. तो वहीं अमेरिका भी अपनी नाकाबंदी हटाने से मना कर रहा है. रविवार को होर्मुज में अपनी छोटी नौकाओं के जरिए जहाजों पर हमला किया गया. जिन से जहाजों पर हमला किया गया, उन्‍हें ‘मॉस्किटो फ्लीट’ कहा जाता है.

अमेरिका की तरफ से कई बार दावा किया गया कि उन्होंने ईरान की पूरी नौसेना को तबाह कर द‍िया है. लेकिन, इसके उलट है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस होर्मुज में हर जहाज को मॉस्किटो फ्लीट से डर है. इसका नाम सुनकर आप बिल्कुल भी चौंकिए नहीं. जैसा इसका नाम है, ठीक वैसा ही इसका काम भी है. यह मच्छरों की तरफ ही अपने दुश्मन पर हमला करता है.

कैसे काम करती है मॉस्किटो फ्लीट?

मॉस्किटो फ्लीट किसी बड़े जहाज का हिस्सा नहीं है. बल्कि यह हजारों छोटी-छोटी तेज गति वाली नावें होती हैं. जिनका रफ्तार में कोई मुकाबला नहीं है. मॉस्किटो फ्लीट की नावें 40 से  0 नोट्स की रफ्तार से पानी पर दौड़ती हैं. जिनमें मशीन गन, रॉकेट, एंटी-शिप मिसाइलें लोड होती हैं, जो दुश्मन को मार गिराने में कुछ ही मिनटों का समय लेती हैं.

‘हिट एंड रन’ की रणनीति पर करती है काम

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट की मानें तो ये नावें इतनी छोटी और तेज हैं कि रडार पर उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है. जिनको ईरान के किसी भी पोर्ट पर बहुत ही आसानी के साथ छिपाया जा सकता है. जब जरूरत होती है तो दुश्मन को खत्म करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं.  इस बेड़े का नियंत्रण ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पास है. जो ‘हिट एंड रन’ यानी हमला करो और भाग जाओ की रणनीति पर काम करते हैं.

अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती हैं मॉस्किटो फ्लीट

अमेरिका के पास भले ही कई एडवांस हथ‍ियार हों, लेकिन इस तरह की छोटी और तेज नावों से निपटना उसके लिए किसी भी हालत में आसान नही है. ये नावे झुंड में निकलती हैं और हमला करके फरार हो जाती हैं. जब तक दुश्मन को पता चलता है तब तक ये अपना काम करके निकल जाती हैं.

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