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क्या है Operation Epic Fury? नेतन्याहू ने बार-बार ट्रंप को कॉल किया…जानिए खामेनेई के खात्मे की पूरी Inside स्टोरी

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप

Operation Epic Fury: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. खामेनेई के मारे जाने पर ईरान ने 40 दिनों का राजकीय शोक और 7 दिनों का अवकाश घोषित किया है. इजरायली वायु सेना का कहना है कि उन्होंने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में 1200 से ज्यादा बम गिराए गए. वहीं, खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर हुए हमले में बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत 40 कमांडर्स भी मारे गए.

क्या है ऑपरेशन एपिक फ्यूरी?

ईरान पर की गई इजरायल और यूएस की संयुक्त कार्रवाई को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (Operation Epic Fury) नाम दिया गया है. इसकी जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने की है. इस सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे से स्टोरी सामने आ रही है, वो चौंकाने वाली है.

क्या है इस ऑपरेशन की इनसाइड पूरी स्टोरी?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने में डोनाल्ड ट्रंप को कई बार कॉल किया. जहां एक ओर सऊदी अरब सार्वजनिक तौर पर कूटनीति और शांति की बात कर रहा था. इससे इतर मोहम्मद बिन सलमान लगातार ट्रंप पर सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव बना रहे थे.

वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी लंब समय से अमेरिका को ईरान के खिलाफ डायरेक्ट एक्शन के लिए उकसा रहे थे. इन दोनों सहयोगियों की लामबंदी के बाद अमेरिका ऑपरेशन के लिए राजी हो गया.

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सऊदी अरब ने की आलोचना

खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप ने इसे ईरानियों के लिए अपना देश वापस पाने के लिए बड़ा मौका बताया है. इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने अपने पड़ोसी मुस्लिम देशों में स्थित अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमला किया तो सऊदी अरब ने इस बात की आलोचना की थी.

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