CG News: केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने और उसमें से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी जन आंदोलन की शुरुआत कर दी है. इस आंदोलन के तहत आगामी 45 दिनों तक भाजपा सरकार के खिलाफ राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर दुर्ग के हिंदी भवन के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक दिवसीय उपवास किया.
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
इस उपवास कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस के तीनों जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. वहीं जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कानून के रूप में लाई गई थी, जिसके तहत मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर और कार्य दिवस घटाकर इसे धीरे-धीरे समाप्त करना चाहती है. उन्होंने बताया कि दुर्ग जिले में वर्ष 2023-24 में 45 लाख मानव दिवस थे, जो 2024-25 में घटकर 32 लाख और 2025-26 में मात्र 18 लाख रह गए हैं. इससे स्पष्ट है कि मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है.
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पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि 12 से 29 तारीख तक गांव-गांव चौपाल लगाकर किसानों और ग्रामीणों को मनरेगा को बंद करने की कथित साजिश के बारे में बताया जाएगा. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाना पूरे देश का अपमान है. मनरेगा कानून के तहत मजदूर को काम मांगने का अधिकार और समय पर काम न मिलने पर मजदूरी पाने की गारंटी थी, लेकिन वर्तमान बदलावों में यह गारंटी खत्म हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार झूठे वादों के सहारे जनकल्याण योजनाओं को कमजोर कर रही है और राज्यों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, जिससे विकास प्रभावित हो रहा है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों, किसानों और मजदूरों की जीवनरेखा है और इसे बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा.
