Durg: दुर्ग जिले के सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मृत व्यक्ति का मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सर्टिफिकेट किसी सामान्य कर्मचारी नहीं, बल्कि खुद अस्पताल के प्रभारी और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पौयाम सिंह द्वारा बनाया गया बताया जा रहा है. इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
डॉक्टर ने मृत इंसान का बनाया मेडिकल सर्टिफिकेट
बता दें कि जिस व्यक्ति का मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उसका नाम गणेश राम है और वह पहले ही मृत हो चुका था. नियमों के अनुसार, किसी भी मृत व्यक्ति का मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं बनाया जाता, बल्कि उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है.
ऐसे में यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है।जब संबंधित पते पर जाकर जानकारी ली गई तो पता चला कि गणेश राम की मृत्यु हो चुकी है, जिससे यह पूरा मामला और भी संदिग्ध हो गया.
सिस्टम परक उठे सवाल
इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जाए या फिर किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत यह अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. इस पूरे मामले पर सीएमएचओ मनोज दानी ने कहा कि सुपेला लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय के प्रभारी द्वारा मृत व्यक्ति का मेडिकल प्रमाण पत्र बनाया जाना गंभीर विषय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत व्यक्ति का मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाता है. प्रकरण संज्ञान में आने के बाद प्रभारी को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं.
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CMHO ने दिए जांच के आदेश
सीएमएचओ ने कहा कि मामला जांच का विषय है और इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि यह महज लापरवाही है या फिर किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता हुई है। फिलहाल इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
