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दुर्ग की 2 बेटियों ने किया कमाल, जोखिम में नहीं होगी सफाईकर्मियों की ‘जान’, प्रेसिडेंट मुर्मू ने साथ डिनर के लिए बुलाया

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दुर्ग की बेटियों ने किया कमाल

Durg News: दुर्ग जिले के वैशाली नगर की दो साधारण परिवारों की बेटियों ने असाधारण उपलब्धि हासिल कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, वैशाली नगर की छात्रा कविता साहू और अंजलि चौहान ने ऐसा रोबोट विकसित किया है, जो मैनहोल और सीवरेज लाइन के अंदर जाकर सफाई और जांच कर सकता है. इस नवाचार से अब सफाईकर्मियों को जान जोखिम में डालकर सीवर में उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं, इस इनोवेशन के लिए कविता साहू को प्रेसिडेंट मुर्मू के साथ डिनर के लिए आमंत्रण मिला है, जबकि जलि चौहान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलने का मौका मिला है.

कौन हैं दुर्ग की ये दोनों बेटियां?

कविता साहू कक्षा 10वीं की छात्रा हैं जबकि अंजलि चौहान कक्षा 12वीं में पढ़ती हैं. दोनों के पिता ऑटो चालक हैं. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन बेटियों ने विज्ञान के माध्यम से समाज की एक गंभीर समस्या का समाधान प्रस्तुत किया है. कविता बताती हैं कि उनके साथ पढ़ने वाली एक सहेली के पिता सीवरेज लाइन में काम करते थे और लगातार बीमार रहते थे. उसी पीड़ा ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या इस खतरनाक काम का कोई सुरक्षित विकल्प हो सकता है. इसी सोच से जन्मा अंडरग्राउंड पाइप इंस्पेक्शन एंड क्लीनर रोबोट, जो पाइप के आकार के अनुसार अपनी आकृति बदल सकता है, जहरीली गैस वाले क्षेत्रों में काम कर सकता है और संकरे स्थानों में भी जांच और सफाई कर सकता है. यह मॉडल विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब में तैयार किया गया, जहां रसायन व्याख्याता रीतू हांडा ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया.

देश के टॉप-10 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स में शामिल

यह प्रोजेक्ट नीति आयोग के मार्गदर्शन में आयोजित स्कूल इनोवेशन मैराथन में देशभर के लगभग डेढ़ लाख आइडियाज में से चुने गए टॉप-10 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स में शामिल हुआ. इस उपलब्धि के बाद कविता साहू को 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रपति भवन में डिनर का आमंत्रण मिला है, जबकि अंजलि चौहान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलने का अवसर मिला है. दोनों छात्राएं 23 जनवरी को अपने मेंटर के साथ दिल्ली जाएंगी.

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विद्यालय की प्राचार्य संगीत सिंह बघेल ने इसे छात्राओं की नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जबकि प्रबंधन समिति अध्यक्ष आलोक जैन ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि कहा. प्राचार्य संगीता सिंह बघेल ने कहा कि कविता और अंजलि ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती. अगर सोच बड़ी हो तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है.

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