Durg News: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार हमलावर है. इस कड़ी में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस ने देश भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला स्तरीय प्रदर्शन और चक्काजाम कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया.
कांग्रेस का चक्काजाम
कांग्रेस सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा लागू की गई थी. इस योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को काम की गारंटी दी जाती थी, ताकि गरीब और रोजगार परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके. हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबीजी रामजी कर दिया है. इस फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. कांग्रेस के आह्वान पर आज पूरे देश में जिला स्तर पर आंदोलन किया गया.
दुर्ग जिले में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जामुल और अंडा क्षेत्र में हाई-वे पर लगभग 10 से 15 मिनट तक प्रदर्शन किया. प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फैसले वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. इस दौरान कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार अब भी नहीं जागी तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा. प्रदर्शन में शामिल महिला कांग्रेस नेता सरोजिनी चंद्राकर ने कहा कि किसान और मजदूर लगातार परेशान हो रहे हैं और केंद्र सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है.
वहीं, कांग्रेस नेता चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि कि महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई इस योजना के तहत पहले 150 दिन के काम की गारंटी दी जाती थी, जिससे गरीब मजदूरों और ग्रामीण परिवारों को बड़ा लाभ मिलता था. आरोप है कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से इस योजना को कमजोर करने और बंद करने का प्रयास किया है. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि किसानों के साथ भी लगातार छलावा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि टोकन सत्यापन के लिए परेशानी हो रही है, धान खरीदी को लेकर सरकार से हमारी यही मांग है.
