CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संबंधी फैसला देते हुए, आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया है और मामले में पुनः परीक्षण (री-ट्रायल) का आदेश दिया है.
हत्या के मामले में रिकॉर्ड गुम होने से आजीवन कारावास निरस्त
ये पूरा मामला सरगुजा जिले के झिरमिट्टी निवासी लक्ष्मण राम नामक अभियुक्त से जुड़ा हुआ है. उसे सत्र न्यायालय, अंबिकापुर द्वारा हत्या (धारा 302) के आरोप में दोषी ठहराया गया था. आरोपी ने इस निर्णय के विरुद्ध वर्ष 2019 में हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. हाई कोर्ट ने लखन राम को दी गई आजीवन कारावास की सजा को इस आधार पर निरस्त कर दिया कि ट्रायल कोर्ट का मूल रिकॉर्ड गुम हो चुका है और अपील की सुनवाई बिना पूर्ण रिकॉर्ड के संभव नहीं है.
रिकॉर्ड गुम, सुनवाई असंभव
अपील की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड गुम हो गया है. हाईकोर्ट के निर्देश पर रिकॉर्ड के पुनर्निर्माण का प्रयास किया गया, लेकिन गवाहों के बयान और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके. राज्य द्वारा कुछ दस्तावेज जैसे एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेमो, जब्ती पंचनामा आदि प्रस्तुत किए गए, लेकिन अभियोजन एवं बचाव पक्ष के गवाहों के बयान न मिलने के कारण अपील पर निर्णय करना संभव नहीं था.
