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एक-तिहाई से अधिक हिस्से को वसीयत करने का अधिकार नहीं, जब तक बाकी वारिसों की रजामंदी न हो – हाई कोर्ट

CG High Court (File Photo)

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा- कोई मुस्लिम अपनी एक तिहाई से ज्यादा जायदाद वसीयत के जरिए किसी को नहीं दे सकता, जब तक कि बाकी वारिसों की रज़ामंदी न हो. यह फैसला एक विधवा की याचिका पर आया, जिसे निचली अदालतों ने उसके पति की जायदाद में हिस्सा देने से इनकार कर दिया था.

जानें क्या है पूरा मामला?

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एक-तिहाई से अधिक हिस्से को वसीयत करने का अधिकार नहीं – हाई कोर्ट

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सिकंदर की वसीयत असली भी होती, तब भी वह जायदाद का एक तिहाई से ज़्यादा हिस्सा नहीं मांग सकता था. कोर्ट ने पिछले फैसलों को रद्द कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि वारिसों के हक की हिफाजत मुस्लिम कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है. कोर्ट ने कहा – कानूनी एक तिहाई से ज़्यादा की वसीयत वारिसों की मौत के बाद की रज़ामंदी के बिना प्रभावी नहीं हो सकती.

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