CG News: हाई कोर्ट ने शादी के विवादों में अंतरिम भरण-पोषण और मुकदमे के खर्च को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है, कोर्ट ने कहा कि पत्नी सरकारी नौकरी में हो और उसकी आय पति से अधिक हो, तब भी उसे अदालती कार्यवाही में शामिल होने के लिए आवश्यक यात्रा, भोजन और मुकदमे का खर्च पाने का अधिकार है.
CG News: बिलासपुर हाई कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने सरगुजा के महामाया पहाड़ और डबरीपानी संरक्षित वन भूमि पर बेजा कब्जा करने वालों की अंतरिम राहत आवेदन को खारिज कर दिया है.
CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ किया है कि विभागीय प्रमोशन प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक किसी भी तरह का अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किया जाएगा.
SC-ST Act: हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के आदेश दिए हैं. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि गाली-गलौज और मारपीट से जुड़े आरोपों में आपराधिक मुकदमा जारी रहेगा.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर मामले में देरी कर रही है और अपना जवाब दाखिल नहीं कर रही.
MP High Court: हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी के मेंटिनेंस मांगने पर अंग्रेजी साहित्यकार शेक्सपीयर के प्रसिद्ध नाटक 'मर्चेंट ऑफ वेनिस' के एक डॉयलाग का उदाहरण दिया और कहा कि यह तो उसी तरह है जैसे किसी के शरीर से मांस का टुकड़ा मांग लिया जाए.
CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा के मामलों में पीड़ित परिवारों के हक में एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आदेश दिया है, कि केवल देरी से आवेदन करने के आधार पर क्लेम के मामलों को शुरुआती स्तर पर खारिज नहीं किया जाएगा.
CG High Court: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वर्ष 2003 के एक पुराने आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपियों को हत्या के प्रयास (धारा 307 आईपीसी) से बरी कर दिया है.
CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुक बधिर से रेप के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस संवेदनशील मामले में मूक-बधिर दुष्कर्म पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट में प्लास्टिक की गुड़िया और इशारों के माध्यम से अपनी आपबीती बताई.
CG News: हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नकली नोट के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी को बरी कर दिया है. न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल नकली नोटों की बरामदगी से अपराध सिद्ध नहीं होता, जब तक आरोपी की जानकारी और मंशा साबित न हो.