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CG News: वैवाहिक मामलों में पत्नी की सुविधा सर्वोपरि, हाई कोर्ट ने कठिनाइयों को देखते हुए ट्रांसफर याचिकाएं की स्वीकार

CG High Court (File Photo)

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों में एक अहम फैसला सुनाते हुए पत्नी की सुविधा और परिस्थितियों को प्राथमिकता दी है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने टीपीसीआर एवं टीपीसी में सुनवाई करते हुए दुर्ग में लंबित तीनों मामलों को कोंडागांव जिला स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं. मामले की याचिकाकर्ता महिला ने हाईकोर्ट में स्थानांतरण याचिका दायर कर यह आग्रह किया था, कि दुर्ग में चल रहे वैवाहिक व भरण-पोषण से जुड़े प्रकरणों को कोंडागांव स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि उनके लिए बार-बार दुर्ग आना अत्यंत कठिन और कष्टप्रद है.

क्या है पूरा मामला?

कोर्ट में मामला लंबित

याचिकाकर्ता द्वारा भरण-पोषण का आवेदन, घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत प्रकरण दायर किए गए, जो दुर्ग में लंबित थे. वहीं पति द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए वाद दायर किया गया था.

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वैवाहिक मामलों में पत्नी की सुविधा सर्वोपरि – हाई कोर्ट

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि वह बेरोजगार गृहिणी हैं, उनकी आय का कोई साधन नहीं है, जबकि पति पोल्ट्री व्यवसाय से लगभग 60 हजार रुपये मासिक आय अर्जित करता है. इसके साथ ही याचिकाकर्ता की माता कैंसर से पीड़ित हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है. न्यायालय को यह भी बताया गया कि नारायणपुर से दुर्ग की दूरी लगभग 195 किलोमीटर है. हर पेशी पर दुर्ग जाना आर्थिक और शारीरिक रूप से अत्यंत कठिन है. निजी वाहन का किराया लगभग 6 हजार रुपये पड़ता है और ट्रेन सेवाएं भी अनियमित हैं.

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