Ambikapur: मैनपाट में पीलिया का प्रकोप, पूर्व उप सरपंच और क्लास नौ के स्टूडेंट सहित चार की मौत, कई मरीजों का चल रहा इलाज

Ambikapur: सरगुजा जिले के मैनपाट इलाके में पीलिया के मरीज मिल रहे हैं. इसकी वजह से एक पूर्व उपसरपंच सहित चार लोगों के मौत की खबर सामने आई है. कई लोग पीलिया की वजह से पीड़ित है.
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पिलिया के मरीज

Ambikapur: सरगुजा जिले के मैनपाट इलाके में पीलिया के मरीज मिल रहे हैं. इसकी वजह से एक पूर्व उपसरपंच सहित चार लोगों के मौत की खबर सामने आई है. कई लोग पीलिया की वजह से पीड़ित है. अंबिकापुर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है दूसरी तरफ इसकी जानकारी मिलने के साथ स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है.

मैनपाट में जिला स्तर की टीम प्रभावित गांवों में भेजी गई है. इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा भी एक टीम भेजी गई है जो प्रभावित लोगों के द्वारा उपयोग में लिए जा रहे पेयजल का सैंपल लेकर उसे जांच के लिए लैब भेजेगी ताकि पता चल सके कि आखिर पीलिया फैलने का वजह क्या है.

पीलिया से स्टूडेंट सहित चार की मौत

जानकारी के अनुसार मैनपाट के नर्मदापुर, कुनिया, सहित आसपास के गावों में पीलिया के मरीज मिल रहें हैं. कुनिया के पूर्व उप सरपंच जीतेन्द्र यादव की पीलिया से मौत की खबर है. इसके अलावा नर्मदापुर की रहने वाली भाग्यवती यादव की भी मौत पीलिया से होना बताया गया है. इतना ही नहीं बईगहवा गांव के एक युवती की भी मौत हुई है. वहीं बरिमा निवासी क्लास नौवी के छात्र विकास यादव की भी मौत पीलिया से हो गई. दूसरी तरफ अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल और रायपुर के अस्पताल में भी मरीज भर्ती हैं. पीलिया फैलने से गावों में दहशत है.

लोगों को किया जा रहा जागरूक – CMHO

CMHO डॉ. पी एस मार्को ने बताया कि जानकारी मिलने पर प्रभावित गांव में स्वास्थ विभाग की टीम भेजी गई है. देर शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी कि पीलिया से ही मौत हुई है या कोई और वजह है. वहीं लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है.

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सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था नहीं

अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती उदयभान यादव ने बताया कि मैनपाट के कई गांव में लोग पीलिया से पीड़ित है, और 4 से 5 लोगों की मौत भी हो गई है. कई लोगों का अलग-अलग इलाज भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मैनपाट के सरकारी अस्पताल में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और कई लोग इसकी वजह से गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं उन्होंने बताया कि यही वजह है कि उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में आकर अपना इलाज करना पड़ रहा है.

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