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CG Ration News: बस्तर में 83 हजार लोगों का 9 महीने से राशन बंद, 15 जुलाई के बाद राशन कार्ड से कट सकता है नाम

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राशन दुकान

83 Thousand Facing Disruption: बस्तर जिले में राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद जरूरी और चिंताजनक खबर है. जिले के 83 हजार से ज्यादा लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन पिछले 9 महीनों से बंद पड़ा है. खाद्य विभाग द्वारा बार-बार दी गई चेतावनियों और जागरूकता अभियानों के बावजूद इन हितग्राहियों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है.

स्तर में 83 हजार लोगों का 9 महीने से राशन बंद

खाद्य विभाग ने अब इसे आखिरी मौका बताते हुए सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट कर दिया है कि 15 जुलाई 2026 के बाद ई-केवाईसी की समय सीमा और आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. खाद्य विभाग के अनुसार, यदि तय समय सीमा 15 जुलाई के भीतर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संबंधित सदस्यों के नाम राशन कार्ड से काटने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. विभाग का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना, रिकॉर्ड अपडेट करना और सूची से मृत, अपात्र व डुप्लीकेट नामों को हटाना है ताकि वास्तविक पात्र हितग्राहियों को पूरा लाभ मिल सके. अब बड़ा सवाल है महज एक सप्ताह का समय बचा है और 83 हजार लोगो को ई-केवाईसी कराना है ?

ई-केवाईसी के लिए 15 जुलाई तक समय

सहायक खाद्य अधिकारी दिव्या रानी कश्यप ने बताया कि जिले में अभी भी 83,485 सदस्यों का ई-केवाईसी होना बाकी है. सभी विकासखंडों में उचित मूल्य दुकानों, पंचायतों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर जानकारी दी जा रही है. उन्होंने सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर आधार आधारित सत्यापन करवा लें, ताकि भविष्य में राशन वितरण में कोई परेशानी न हो.

ई-केवाईसी नहीं होने के संभावित कारण को लेकर खाद्य अधिकारी ने बताया कि ​विभाग के आंकलनों और सर्वे के अनुसार, ई-केवाईसी न होने के पीछे कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं, ​कुछ सदस्यों की मृत्यु हो जाना, फिंगरप्रिंट का मिसमैच होना, ​राशन कार्ड में दर्ज उम्र का सही न होना, ​युवतियों की दूसरी जगह शादी हो जाना और ​जागरूकता की कमी होना सामने आया है.

यहां देखें डिटेल

अब समय बेहद कम बचा है लगभग एक सप्ताह और लक्ष्य बहुत बड़ा है. जिले के 83,485 सदस्यों का ई-केवाईसी होना अभी बाकी है. इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर सत्यापन पूरा करना प्रशासन और जनता दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती है.

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