Bastar Ration Shop Strike: अध्यक्ष अजयंबर सेठिया ने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल से छोटे दुकानदारों को मिलने वाली वित्तीय पोषण राशि बंद है, जिससे विक्रेता और उनके परिवार कर्ज के दलदल में डूब गए हैं
Bastar Weather Alert: विभाग का कहना है कि 25 अक्टूबर से आसमान में बादल घिरेंगे और 29 अक्टूबर तक रुक-रुक कर तेज बारिश होगी. हवा की रफ्तार भी सामान्य से ज्यादा रहेगी, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को खतरा है.
President Droupadi Murmu Bastar Dussehra: पिछले साल इस दरबार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे, और इस बार राष्ट्रपति की मौजूदगी इसे और भी ऐतिहासिक बना रही है.
CG News: विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भीतर रैनी की रस्म शुरू होने से पहले एक दर्दनाक हादसा हो गया. आठ चक्कों वाले विजय रथ के पहिए के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.
Jagdalpur Bastar Dussehra: हादसे में सीएसईबी विभाग की लापरवाही भी सामने आई है. रथ परिक्रमा के दौरान इलाके में सीएसईबी विभाग ने ब्लैकआउट नहीं किया था, जिसके चलते बिजली के तार में करंट दौड़ रहा था. यदि पोल गिरने के बाद तार किसी व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो जानलेवा हादसा हो सकता था.
रायपुर. बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार बानू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है.
Bastar Flood MP Mahesh Kashyap: बस्तर के लिए 300 करोड़ और सुकमा-बीजापुर के लिए 100-100 करोड़ शामिल है.सांसद ने बाढ़ प्रभावित परिवारों, फसल, मकान और मवेशियों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है.
Chiti Ki Chutney: बस्तर की थाली में एक ऐसी चटनी है जो चीटियों से बनती है. लाल चीटियों की चापड़ा चटनी का चटपटा स्वाद और इसके सेहतमंद फायदे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. तेज धूप में चींटियों को सुखाकर अदरक, लहसुन, मिर्च और धनिया के साथ सिलबट्टे पर पीसा जाता है. इसी से बनती है चटपटी और खट्टी चापड़ा चटनी.
CG News: प्रशासन ने इलाके आस-पास के इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया है. यह पानी मंगलवार देर रात 2 बजे के आसपास बस्तर पहुंचेगा. बता दें कि, डैम से 18 घंटे में 1.62 अरब लीटर पानी बस्तर की ओर धकेला गया है. वहीं, बस्तर में खतरा फिर बढ़ने वाला है.
Jagdalpur: बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उन्हें सभी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही भोजन मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण अंचलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए हैं