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होमगार्ड और वन विभाग में नौकरी के नाम पर बस्तर में कई युवाओं से लाखों की धोखाधड़ी, FIR दर्ज

जगदलपुर. होमगार्ड और वन विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी कृष्ण कुमार वैष्णव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पुलिस को दी गई शिकायत में ग्राम मावलीगुडा निवासी 27 वर्षीय नीलबती कश्यप ने बताया कि वर्ष 2024 में होमगार्ड सैनिक भर्ती के दौरान वह शारीरिक परीक्षण के लिए हाटकचोरा स्थित होमगार्ड कार्यालय गई थी. ऊंचाई कम होने के कारण उसे भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था. इसी दौरान उसकी मुलाकात आड़ावाल निवासी कृष्ण कुमार वैष्णव से हुई. आरोप है कि कृष्ण कुमार ने होमगार्ड और वन विभाग के बड़े अधिकारियों से अपनी पहचान होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया.

पहले मांगे 2 लाख, फिर खाकी वर्दी दी

शिकायत के अनुसार आरोपी ने होमगार्ड में नौकरी लगवाने के लिए पहले दो लाख रुपए मांगे, लेकिन बातचीत के बाद डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ. इसके बाद नीलबती ने अलग-अलग स्थानों पर आरोपी को कुल 1.50 लाख रुपए नकद दिए. आरोप है कि बाद में आरोपी ने खाकी वर्दी का कपड़ा देकर उसे मारडूम में छात्रावास ड्यूटी मिलने की बात कही.

शिकायतकर्ता ने अपने भाई रोहित कुमार कश्यप की सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगवाने के नाम पर भी आरोपी को 78 हजार रुपए देने की बात कही है. इसके अलावा शिकायत में परमेश्वर नेताम, सरिता बघेल और सोनघर कश्यप से भी वन विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं.

शिकायत के मुताबिक परमेश्वर नेताम से वनरक्षक की नौकरी लगवाने के नाम पर 2.05 लाख रुपए, सरिता बघेल से 3.92 लाख रुपए तथा सोनघर कश्यप से उनके पुत्र की वन विभाग में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर 70 हजार रुपए लिए गए. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 8.95 लाख रुपए लिए हैं.

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ रकम ऑनलाइन माध्यम से दी गई थी, जबकि कई भुगतान नकद किए गए. सरिता बघेल के मामले में पैसे देने का वीडियो भी होने की बात शिकायत में कही गई है. वहीं, कुछ लोगों को नौकरी लगने और प्रशिक्षण के संबंध में वर्दी तथा दस्तावेज दिए जाने का भी आरोप है.

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नौकरी नहीं लगने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी कथित तौर पर टालमटोल करने लगा और पैसे वापस नहीं किए. मामले में पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, पैसों के लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है.

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