इनपुट- रौनक शिवहरे:
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए पाइप बम लगाने की कथित साजिश से जुड़े मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है. इस प्रकरण की विवेचना डीएसपी अमर सिदार ने की थी. (Kanker Naxal Pipe Bomb Case)
अभियोजन के अनुसार, मामले की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जब सुरक्षा बलों ने सानू कोमरा और अर्जुन कुमार साहू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो लोहे के पाइप बम और दो मोबाइल फोन बरामद किए थे. यह कार्रवाई कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में की गई थी.
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया था कि उन्हें विस्फोटक सामग्री चिलपरस पहाड़ी पर माओवादी कमांडर मैनू नेगी और अन्य लोगों ने दी थी. इसका इस्तेमाल चिलपरस-ढुट्टा मार्ग पर सुरक्षा जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना था. (Kanker Naxal Pipe Bomb Case)
यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला
इस मामले में कोयलीबेड़ा थाने में अपराध क्रमांक 20/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 5 तथा विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 38(2) और 39(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था. प्रकरण में मैनू नेगी, सगनू, पार्वती और अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे. मामले की विवेचना डीएसपी अमर सिदार ने की. विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अदालत ने सानू कोमरा और अर्जुन कुमार साहू को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई.
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