Sukma News: छत्तीसगढ़ के सुकमा में लाल कपड़े और दीक्षा माला पहनने पर बवाल हो गया है. कोंटा स्थित मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में नवरात्र के दौरान माला और लाल कपड़े पहनकर आने पर टीचर लक्ष्मी प्रसना को प्रवेश करने से रोक दिया गया. इससे आहत होकर महिला शिक्षिका ने इस्तीफा दे दिया. जब इस बात की जानकारी हिंदू संगठनों को मिली तो उन्होंने विद्यालय पहुंचकर विरोध जताया.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कोंटा के मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में लक्ष्मी प्रसना नाम की महिला टीचर पिछले 15 सालों से पढ़ा रही थीं. नवरात्र के दौरान वे स्कूल में लाल कपड़े और दीक्षा माला पहनकर पहुंच गई. उन्हें विद्यालय में प्रवेश करने से रोका गया. इससे आहत महिला टीचर ने इस्तीफा दे दिया.
प्रदर्शनकारियों ने जताया विरोध
इस मुद्दे को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है. स्कूल के सामने बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और नारेबाजी की. कहा कि स्कूल में हिंदू छात्र बहुत बड़ी संख्या में पढ़ते हैं. धार्मिक पहचान के प्रतीकों और परंपराओं पर इस तरह की रोक सही बात नहीं है. धीरे-धीरे विरोध बढ़ता गया. जानकारी मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी एस. के. दीप और स्थानीय थाना प्रभारी शिवानंद तिवारी स्कूल पहुंचे. प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया. वहीं, प्राचार्य ने भी इस गलती को स्वीकार किया और आगे इस तरह की गलती ना होने की बात कही.
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कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कार्रवाई की मांग की. इसके साथ ही कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा. हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि बसंत पंचमी के दिन विद्यालय को बंद रखा जाता है और शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां नहीं की जाती हैं. शिक्षा विभाग के नियमों का पालन करना चाहिए और जाति एवं धार्मिक परंपराओं के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए.
