Vistaar NEWS

CG News: नाबालिग को परेशान करना पड़ा भारी.. हाई कोर्ट ने अपील की खारिज, सजा बरकरार

cg highcourt

सीजी हाई कोर्ट

CG News: महासमुंद जिले में करीब 13 वर्षीय किशोरी को लगातार परेशान करने और उसके आत्महत्या करने के मामले में हाई कोर्ट ने आरोपी ख़िरसाय पिता परसराम रात्रे की अपील खारिज कर दी है. जस्टिस सुधीर कुमार की सिंगल बेंच ने सेशन कोर्ट महासमुंद द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत सुनाई गई दो साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है. जुर्माना नहीं चुकाने पर छह महीने के अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान भी यथावत रखा गया है.

क्या है पूरा मामला ?

मामले के अनुसार, 7 जुलाई 2011 को ग्राम सोनामुंडी, थाना बसना, जिला महासमुंद में आरोपी ने किशोरी को बोरिंग के पास परेशान किया और उसके साथ गलत व्यवहार किया. आरोपी की हरकतों को लेकर पहले गांव में बैठक भी बुलाई गई थी और उसे समझाइश दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह किशोरी को लगातार परेशान करता रहा. घटना के दिन किशोरी घर लौटने के बाद अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली. उसे जलता देखकर बच्चों ने शोर मचाया. ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन किशोरी की मौत हो गई.

पिता ने दर्ज कराई शिकायत

किशोरी के पिता ने ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मर्ग कायम कर प्राथमिकी दर्ज की और जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जलने से उत्पन्न सदमा बताया गया तथा मृत्यु को आत्महत्या की प्रकृति का माना गया. मामले की सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट महासमुंद ने 31 दिसंबर 2011 को आरोपी को धारा 354 के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसी फैसले को आरोपी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

Exit mobile version