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Bilaspur: खपरगंज हिंसा में नया मोड़, BJP कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के बचाव में उतरी AAP, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

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बिलासपुर

Bilaspur News: बिलासपुर के खपरगंज में 28 अगस्त की रात हुए विवाद और हिंसा के बाद अब सियासत भी गरमा गई है. इस बार मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि भाजपा कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी सामने आई है. आप की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने खपरगंज पहुंचकर गिरफ्तार लोगों के परिजनों से मुलाकात की और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए. वहीं, भाजपा नेता मोहम्मद जाहिद खान की बेटी शीबा खान ने अपने पिता को निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि वे विवाद बढ़ाने नहीं, बल्कि लोगों को शांत कराने मौके पर पहुंचे थे.

गिरफ्तारी को लेकर नया विवाद गहराया

खपरगंज हिंसा के बाद अब गिरफ्तारी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने इस मामले में गिरफ्तार लोगों के पक्ष को सामने रखने का फैसला किया है. प्रियंका शुक्ला का कहना है कि उन्होंने काफी समय पहले कानूनी मदद के लिए एक नंबर जारी किया था. इसी नंबर के जरिए उन्हें खपरगंज मामले में मदद के लिए फोन आया और वह बिलासपुर पहुंचीं. उनका सवाल है कि घटना के बाद कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन जिन लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है, उनकी भूमिका और उनका पक्ष कौन सुनेगा? प्रियंका शुक्ला ने मामले में राम ठाकुर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाया है. साथ ही उन्होंने बीजेपी के स्थानीय नेताओं से भी पूछा कि अगर उनका कोई कार्यकर्ता गिरफ्तार हुआ है, तो क्या पार्टी को उसके पक्ष की भी बात नहीं रखनी चाहिए?

भाजपा नेता की बेटी ने किया पिता का बचाव

इधर, भाजपा नेता मोहम्मद जाहिद खान की बेटी शीबा खान भी अपने पिता की गिरफ्तारी के बाद खुलकर सामने आई हैं. शीबा का दावा है कि 28 अगस्त की रात जब खपरगंज में विवाद बढ़ा, उस वक्त उनके पिता लोगों को रोकने और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित घर के अंदर ले जाने के लिए बाहर निकले थे. परिवार के मुताबिक, पुलिस एक फुटेज के आधार पर मोहम्मद जाहिद खान को पूछताछ के लिए लेकर गई थी.

उन्हें उम्मीद थी कि पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा, लेकिन बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया. शीबा का कहना है कि उनके पिता ने करीब 12 साल भाजपा को दिए हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं. अब परिवार का सवाल है-क्या किसी फुटेज में दिखाई देना ही किसी व्यक्ति को हिंसा का आरोपी साबित करने के लिए पर्याप्त है?

भाजपा कार्यकर्ता के बचाव में उतरी आप पार्टी

खपरगंज मामले में अब तस्वीर सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई है. एक तरफ हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग है, तो दूसरी तरफ गिरफ्तार लोगों की भूमिका और गिरफ्तारी के आधार पर सवाल उठ रहे हैं. खास बात यह है कि भाजपा कार्यकर्ता के बचाव में अब आम आदमी पार्टी खुलकर सामने आई है. हालांकि, इन आरोपों और दावों पर अंतिम तस्वीर पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही साफ होगी. अब देखना होगा कि जांच में मोहम्मद जाहिद खान समेत गिरफ्तार लोगों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस किन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है.

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