बिलासपुर. कथित शराब बिक्री के आरोप में सीपत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए श्रवण सूर्यवंशी की जेल में तबीयत खराब होने के उसे सिम्स में भर्ती किया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने जांच शुरू कर दी है. शुक्रवार को CBI की चार सदस्यीय टीम बिलासपुर पहुंची और सिविल लाइन थाने में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली. टीम ने मर्ग डायरी सहित अन्य दस्तावेजों का भी अवलोकन किया.
सीपत पुलिस ने कथित रूप से शराब बेचने के आरोप में 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी को 18 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया. 21 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 22 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस की ओर से उस समय श्रवण की तबीयत खराब होने की बात कही गई थी. बाद में हुई न्यायिक जांच की रिपोर्ट में उसकी मौत को लेकर गंभीर तथ्य सामने आए.
गंभीर चोट को बताया गया था मौत का कारण
मजिस्ट्रेटी जांच में हिरासत के दौरान सिर में लगी गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया. जांच में हिरासत में प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की भी पुष्टि होने की बात सामने आई. इसके बावजूद मामले में लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के परिजनों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट ने पुलिस की लापरवाही मानते हुए पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
सुप्रीम कोर्ट ने दिए CBI जांच के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया. साथ ही मामले की जांच CBI को सौंप दी. सुप्रीम कोर्ट ने CBI को अगली सुनवाई, 13 अक्टूबर, से पहले विस्तृत जांच रिपोर्ट सीधे अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
थाने में घंटों पूछताछ
CBI की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों से घंटों पूछताछ की. टीम ने मामले से संबंधित मर्ग डायरी और अन्य दस्तावेजों की जांच की तथा घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई. बताया जा रहा है कि CBI टीम केंद्रीय जेल और सीपत थाने जाकर भी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है. मामले में CBI की जांच शुरू होने के बाद अब हिरासत से लेकर अस्पताल में मौत तक की पूरी घटनाक्रम की कड़यों की जांच की जाएगी.
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