CG Governor Raman Deka: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणी करने वाले प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी को हाईकोर्ट ने राहत दे दी है. राहत के साथ कोर्ट ने शर्तें भी रखी हैं. अब दोनों को सबके सामने और न्यायालय के सामने माफी के साथ सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री पूरी तरह हटानी होगी.
हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
हाईकोर्ट ने प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने, खासकर फेसबुक अकाउंट पर प्रमुखता से माफी मांने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने आपत्तिजनक सामग्री को स्थायी रूप से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के भी निर्देश दिए हैं. साथ ही भविष्य में इस तरह का आचरण दोबारा नहीं करने के लिए शपथपत्र देने को भी कहा है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी ने अपने-अपने फेसबुक अकाउंट से आसामी भाषा में राज्यपाल रामेन डेका पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक लेख पोस्ट किए थे. इसके साथ ही कार्टून बनाकर पोस्ट को वायरल भी किया था.
पूरे मामले की शिकायत राजभवन की ओर से राजधानी के सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. बाद में मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा. वहीं, एफआईआर को निरस्त कराने के लिए दोनों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की.
याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा ?
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बिना शर्त माफी मांगने और आपत्तिजनक सामग्री को स्थायी रूप से हटाने की इच्छा जताई गई. इस पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं का कृत्य क्षम्य नहीं है.
प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी ने दोबारा माफी मांगते हुए हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश किया. सुनवाई के दौरान यह तर्क भी रखा गया कि राज्यपाल छत्तीसगढ़ के प्रथम नागरिक और संवैधानिक पद पर हैं. उनपर इस तरह की टिप्पणी बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी.
