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CG News: पहली पोस्‍ट‍िंग को 2 साल भी पूरे नहीं हुए कि हो गया तबादला, हाई कोर्ट ने लगाई रोक, जानें क्या है मामला

bilaspur high court

बिलासपुर हाई कोर्ट

CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सक्ती के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले के तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने माना कि उनकी वर्तमान पदस्थापना को अभी दो साल पूरे नहीं हुए थे. स्थानांतरण नीति में सामान्य तौर पर कर्मचारी को मौजूदा पदस्थापना स्थल पर दो साल की अवधि पूरी होने से पहले स्थानांतरित नहीं करने का प्रावधान है.

जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में हुई सुनवाई

मामला सुधाकर बोदले विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का है. इसकी सुनवाई जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में हुई. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमन तांबोली और शासन की ओर से उप शासकीय अधिवक्ता के.जी. यादव ने पक्ष रखा.

10 महीने में ही कर दिया गया तबादला

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि सुधाकर बोदले को 7 नवंबर 2025 के आदेश से जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदोन्नति मिली थी. इसके बाद उनकी पदस्थापना सक्ती जिले में की गई और उन्होंने वहां पदभार ग्रहण किया था. करीब 10 महीने बाद 1 सितंबर 2026 को जारी आदेश में उन्हें सक्ती के जिला कार्यक्रम अधिकारी पद से हटाकर उप संचालक, क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान, सरगुजा के पद पर भेज दिया गया.

स्थानांतरण नीति के खंड 3.10 का दिया हवाला

याचिकाकर्ता ने स्थानांतरण नीति के खंड 3.10 का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में कर्मचारी को वर्तमान पदस्थापना स्थल पर दो साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले नहीं हटाया जाना चाहिए. उनका कहना था कि सक्ती में उनकी पदस्थापना 7 नवंबर 2025 को हुई थी, जबकि तबादला आदेश 1 सितंबर 2026 को जारी कर दिया गया. इस तरह करीब 10 महीने में ही उनका स्थानांतरण कर दिया गया.

हाई कोर्ट ने तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर लगाई रोक

दलीलों पर विचार करने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि मामले में प्रथम दृष्टया अंतरिम संरक्षण दिया जाना उचित है. हाई कोर्ट ने 1 सितंबर 2026 के तबादला आदेश के प्रभाव और उसके क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी. यह अंतरिम राहत फिलहाल याचिकाकर्ता सुधाकर बोदले के मामले तक सीमित है.

प्रतिवादियों को नोटिस, 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है. शासन की ओर से प्रतिवादी क्रमांक 1 से 3 की ओर से नोटिस स्वीकार कर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया. वहीं, प्रतिवादी क्रमांक 4 को सात दिनों के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा करने पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है. अंतरिम राहत से जुड़े आवेदन पर भी नोटिस जारी किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को होगी.

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