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हाई कोर्ट ने पॉक्सो के आरोपी को किया बरी, कहा – अपनी मर्जी से गई थी नाबालिग, परिस्थितियां देखना भी जरूरी

Chhattisgarh High Court (File Photo)

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट(File Photo)

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुंगेली के चर्चित पॉक्सो मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि केवल पीड़िता के नाबालिग होने के आधार पर दोष तय नहीं किया जा सकता. मामले में जबरदस्ती या अपहरण के ठोस सबूत नहीं मिले.

हाई कोर्ट ने पॉक्सो के आरोपी को किया बरी

कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी मामले में केवल पीड़िता की उम्र को आधार बनाकर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि पूरे घटनाक्रम, साक्ष्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है. इसी आधार पर हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को असंगत मानते हुए आरोपी दीपक वैष्णव को बरी कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा.

क्या है पूरा मामला?

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हाई कोर्ट ने क्यों पलटा फैसला?

हाई कोर्ट ने पूरे मामले की गहन समीक्षा के बाद पाया कि, पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से मोबाइल पर बातचीत होती थी. पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि वह आरोपी के साथ अपनी इच्छा से गई थी. दोनों ने कई शहरों (मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, अग्रपाली) की यात्रा साथ की. लगभग एक महीने तक दोनों साथ रहे और इस दौरान पीड़िता ने कहीं भी विरोध या शिकायत नहीं की. कोर्ट ने कहा कि यह परिस्थिति जबरदस्ती या प्रलोभन को साबित नहीं करती.

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