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CG High Court: कर्मचारी की मौत के मुआवजे पर ‘कैपिंग’ खत्म, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बदला नियम

CG High Court

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मृतक कर्मचारियों के परिजनों के हित में एक जरूरी फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि किसी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को दी जाने वाली सहायता राशि (मुआवजा) की गणना किसी पुरानी या काल्पनिक वेतन सीमा के आधार पर नहीं की जा सकती. कोर्ट के अनुसार, कर्मचारी अपनी मृत्यु के समय वास्तव में जो वेतन पा रहा था, उसी ‘एक्चुअल सैलरी’ को मुआवजे का आधार बनाया जाना चाहिए. इस फैसले से उन हजारों परिवारों को फायदा होगा जिन्हें अब तक नियमों की जटिलता के कारण कम मुआवजा मिल रहा था.

क्या है पूरा मामला?

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हाई कोर्ट गई थी बीमा कंपनी

लेबर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए ड्राइवर की मासिक आय 9,880 रुपये मानी और करीब 9.49 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन बीमा कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दी. बीमा कंपनी का कहना था कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम वेतन 8,000 रुपये ही माना जाना चाहिए.

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