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Chhattisgarh में इंटरनेशनल साइबर ठगी का खुलासा, रायपुर में कंपनी बनाकर अमेरिका में ठगी, 42 लोग गिरफ्तार

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इंटरनेशनल साइबर ठगी का खुलासा

Chhattisgarh: रायपुर में पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ी और फिल्मी अंदाज वाली कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर गिरोह का पर्दाफाश किया है. शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ छापा मारकर पुलिस ने 42 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें सुपरवाइजर भी शामिल हैं और हैरानी की बात ये है कि ये लोग देश के अलग-अलग राज्यों से आकर यहां काम कर रहे थे, जबकि पूरा खेल गुजरात में बैठे मास्टरमाइंड चला रहे थे.

इंटरनेशनल साइबर ठगी का खुलासा

ये कॉल सेंटर बाहर से बिल्कुल आम ऑफिस जैसे दिखते थे, दरवाजे पर साधारण नेम प्लेट, अंदर कंप्यूटर पर काम करते युवा और एक प्रोफेशनल माहौल, लेकिन जैसे ही रात होती, यही जगह ठगी का अड्डा बन जाती थी. हेडफोन लगाए कर्मचारी विदेशों में कॉल करते और खासतौर पर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाते. पुलिस के मुताबिक, यहां काम करने वाले युवाओं को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी. उन्हें अंग्रेजी में स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे पढ़कर वे सामने वाले को भरोसे में लेते थे. ठगी का तरीका बेहद प्लानिंग के साथ तैयार किया गया था.

अमेरिका के लोगों को बनाते थे शिकार

सबसे पहले गिरोह के पास एक “डेटा टीम” होती थी, जो इंटरनेट और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए उन लोगों की जानकारी जुटाती थी, जिन्होंने हाल ही में बैंक से लोन के लिए आवेदन किया होता था. यानी ऐसे लोग जो पहले से पैसों की जरूरत में होते थे और जल्दी किसी ऑफर पर भरोसा कर लेते थे. इसके बाद कॉलिंग टीम एक्टिव होती थी और उन लोगों को कॉल कर सस्ते ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देती थी. जब कोई व्यक्ति उनकी बातों में आ जाता, तो उससे धीरे-धीरे उसकी पर्सनल और बैंकिंग जानकारी ले ली जाती. इसके बाद उसे बताया जाता कि उसका सिबिल स्कोर खराब है और अगर वह लोन लेना चाहता है तो पहले उसे सुधारना होगा. यहीं से ठगी का अगला चरण शुरू होता था. गिरोह का दूसरा ग्रुप, जिसे “डिपॉजिट टीम” कहा जा सकता है, पीड़ित को भरोसा दिलाता कि उसकी प्रोफाइल पर काम किया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, ये कॉल सेंटर गंज थाना क्षेत्र में एक और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर संचालित किए जा रहे थे. इसके अलावा फाफडीह इलाके में भी एक बड़े कॉल सेंटर का संचालन सामने आया है. आरोपियों के कब्जे से 20 लैपटॉप, 50 डेस्कटॉप और करीब 50 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.

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कई राज्यों से जुड़े तार

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित विभिन्न राज्यों के निवासी हैं. इनमें से कई युवक-युवतियां 15 से 20 हजार रुपए मासिक वेतन पर काम कर रहे थे. गिरोह संगठित तरीके से अलग-अलग शहरों में सीमित समय के लिए कॉल सेंटर स्थापित करता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके.

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