CG News: स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता कार्यक्रम में हुए कथित घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज इस मामले में बिलासपुर, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एक साथ सात जगहों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी अब बारीकी से जांच की जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
ईओडब्ल्यू के मुताबिक यह मामला वर्ष 2005-06 और 2006-07 का है. उस समय संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) और रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ (RCH) योजना के तहत राशि मिली थी. इस राशि से राज्य के तत्कालीन 16 जिलों में “लोक कला जत्था” के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे.
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस योजना के क्रियान्वयन में सरकारी राशि का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया और अनियमितताओं के कारण शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा.
EOW का क्या कहना है?
आज की गई छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों ने कई जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. ईओडब्ल्यू का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और ईओडब्ल्यू यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी राशि के इस्तेमाल में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं.
