CG News: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मामले में जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश किया. मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सोनवानी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया है. इसके साथ ही ईडी मनी ट्रेल की जांच भी करेगी.
घर से उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र दिए
CBI ने कोर्ट में दावा किया है कि CGPSC अध्यक्ष ने कुछ उम्मीदवारों को अपने घर से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे. इसके बाद आयोग के परीक्षा उपनियंत्रक ललित गणवीर के जरिए लीक किया गया प्रश्न पत्र रायपुर के एक कारोबारी तक पहुंच गया. जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
ED ने 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था
प्रवर्तन निदेशालय ने टामन सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने दावा ने किया था कि सोनवानी से पूछताछ के दौरान CGPSC भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत मिले हैं. इसके साथ ही जांच एजेंसी को डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं. इसमें भर्ती प्रक्रिया में हेर-फेर और अवैध तरीके से पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं.
घोटाले के बारे में जान लीजिए
- दरअसल, पूरा मामला साल 2020 से 2022 के बीच CGPSC की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है.
- परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए रसूखदार परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया.
- डिप्टी कलेक्टर, उप पुलिस अधीक्षक समेत दूसरे राजपत्रित पदों पर योग्य कैंडिडेट्स की अनदेखी करते हुए करीबिय़ों का चयन किया गया.
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सोनवानी के 5 रिश्तेदारों का सिलेक्शन
CGPSC 2021 की राज्य सेवा परीक्षा के तहत 171 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हुई. प्रारंभिक, मुख्य और इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को रिजल्ट जारी किया गया. इससे चयन सूची पर धांधली के आरोप लगे. इसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई. मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की बात सामने आने के बाद ईडी की एंट्री भी हो गई. सबसे हैरान करने बात ये है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी के 5 रिश्तेदारों का सिलेक्शन हुआ था.
