छत्तीसगढ़ में कैंसर जांच अभियान में बड़ा झोल.. दो साल की बच्चियों के ब्रेस्ट की जांच, ओरल स्क्रीनिंग भी की गई
कैंसर जांच अभियान
Chhattisgarh Cancer Screening Controversy: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे कैंसर के स्क्रीनिंग अभियान में बड़ा झोल सामने आया है. गड़बड़ियां ऐसी जोकि चौंका देने वाली हैं. इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की खुद की रिपोर्ट में हुआ है. विभाग की प्रदर्शन रिपोर्ट में दो साल तक की बच्चियों की ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पाई गई है.
दो साल की बच्ची की जांच
विभागीय रिकॉर्ड में पाया गया कि, दुर्ग के धमधा, कबीरधाम के कुकदुर, सरगुजा के अंबिकापुर में दो साल तक की बच्चियों की ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच की जानकारी डिस्प्ले की गई है. इनता ही नहीं कहीं तो, 1 साल के बच्चे की ओरल कैंसर की स्क्रीनींग भी कागजों में कर दी गई.
जबकि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 30 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगो की ही इन तीन प्रकार के कैंसर की जांच की जानी है. वहीं, विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन 43 लोगो की कैंसर से मौत होती है. नहीं. लगातार कैंसर के नए मामले सामने आते जा रहे हैं.
एक ही नंबर पर कई जांचें दर्ज
कैंसर जांच में मोबाइल नंबर की गड़बड़ी भी सामने आई है. सुकमा में एक नंबर में 1382 लोगों के जांच की जानकारी दी गई है. बीजापुर में एर ही नंबर पर 263 जांचें दर्ज हैं. गौरतलब है कि, स्क्रीनिंग के रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गड़बड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई है. जबकि, इसकी जांच की जिम्मेदारी CHO करते हैं. इसके बाद डेटा जिला मुख्यालय पहुंचता है जहीं जिला डेटा मैनेजर इसकी जांच करते हैं और राज्य स्तर पर भेजते हैं.
इसमें जिला नोडल अधिकारी और CMHO भी जांच के लिए जिम्मेदार होते हैं. मामले में दुर्ग जिले के नोडल अफसर ने धमधा क्षेत्र में डेटा गड़बड़ी मानते हुए संबंधितों को सुधार के लिए नोटिस भेजवा दिया है. वहीं, बाकि जिम्मेदार जवाब देने के बजाय बात टाल रहे थे.
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