महादेव सट्टा ऐप केस में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CM साय का बयान, बोले- ये CBI की बड़ी सफलता

CM Sai on Saurabh Chandrakar Arrest: सीएम साय ने कहा कि CBI मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी. सीएम ने इस कार्रवाई के लिए CBI और सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी है.
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सीएम साय

CM Sai on Saurabh Chandrakar Arrest: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है. महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे बड़ी सफलता बताया है. दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि CBI मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी. सीएम ने इस कार्रवाई के लिए CBI और सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी है.

सीएम साय जा रहे दिल्ली

बता दें, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय दिल्ली दौरे पर रहेंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम साय सुबह रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचेंगे और इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे. वह दोपहर करीब 11:50 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वहां से कार से सीधे छत्तीसगढ़ सदन जाएंगे. दोपहर 12 बजे के बाद उनका केंद्रीय नेताओं से मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित है.

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कल भारत लाया गया सौरभ

बता दें कि, बीते दिन छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है. CBI ने ओमान से उसका प्रत्यर्पण कराया है. ओमान पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर सौरभ को हिरासत में लिया था. इसके बाद एजेंसी की टीम ओमान गई. सीबीआई कानूनी प्रक्रिया पूर करके उसे वापस भारत लेकर आई है.वहीं आज, सौरभ को रायपुर के विशेष CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा. जिसके बाद मामले को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है.

क्या है महादेव सट्टा ऐप घोटाला?

पूरा मामला 9 साल पुराना है. छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने अपने दो साथी रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल के साथ मिलकर 2016 में इसकी शुरुआत की. उस वक्त इसे ‘महादेव बुक’ के नाम से लॉन्च किया गया था.

शुरुआत में इस प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेलों के साथ पोकर, तीन पत्ती और वर्चुअल गेम्स पर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था. यहां तक कि चुनाव के नतीजों पर भी हार-जीत को लेकर दांव लगाए जाते थे.कुछ ही सालों में इसका जाल तेजी से फैल गया.

2020 में सौरभ और उसके पार्टनर्स ने हैदराबाद के बड़े सट्टा प्लेटफॉर्म ‘रेड्डी अन्ना’ को करीब 1000 करोड़ रुपये में खरीद लिया. इस टेकओवर के बाद महादेव ऐप के यूजर्स की संख्या कई गुना बढ़ गई और इसका सालाना टर्नओवर हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इतना बड़ा कारोबार देखकर यह नेटवर्क जांच एजेंसियों की नजर में आ गया। साल 2022 में आयकर विभाग और ED ने इस सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की. जांच में 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ. इस मामले में अब CBI और ED दोनों अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं.

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