अभिषेक मिश्रा (धमतरी)
Dhamtari: धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम दमकाडीह में सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर किसानों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है. नहर की समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण माइनर नहर बीच से टूट गई, जिससे आसपास के लगभग 80 से 100 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है.
सिंचाई विभाग की लापरवाही से 100 एकड़ खेतों में भरा पानी
खेतों में खड़ी धान की नई फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है और किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार बारिश के बाद किसान पूरी उम्मीद के साथ धान की बुवाई में जुटे थे. अच्छी बारिश होने से इस बार बेहतर उत्पादन की आस थी, लेकिन अचानक नहर टूटने से पूरा पानी खेतों में फैल गया. देखते ही देखते खेत तालाब में बदल गए. जहां कुछ दिन पहले तक किसान फसल तैयार करने में लगे थे, वहां अब चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि जिस माइनर नहर से सिंचाई की जाती है, उसकी मरम्मत हर साल कागजों में तो होती है, लेकिन जमीन पर उसका असर नजर नहीं आता. इस बार नहर बीच से इस तरह ध्वस्त हुई कि वहां करीब 30 फीट गहरा और लगभग 40 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया. नहर का पूरा पानी उसी रास्ते से बहकर किसानों के खेतों में पहुंच रहा है.
दमकाडीह के किसानों को लाखों का नुकसान
सबसे बड़ी बात यह है कि यह पहली बार नहीं हुआ है. किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर नहर क्षतिग्रस्त हुई थी और तब भी खेतों में पानी भरने से नुकसान हुआ था. उस समय विभाग ने मरम्मत कराए जाने का दावा किया था, लेकिन एक साल भी नहीं बीता कि फिर वही स्थिति सामने आ गई. इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार सिंचाई विभाग और प्रशासन को नहर की कमजोर स्थिति की जानकारी दी थी. समय रहते मजबूत मरम्मत कर दी जाती तो आज इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती. अब खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई और बुवाई प्रभावित हो गई है. कई जगह लगाए गए पौधे सड़ने लगे हैं और किसानों को दोबारा खेती करने की चिंता सता रही है.
मौके पर पहुंचने पर साफ दिखाई देता है कि नहर टूटने के बाद पानी का तेज बहाव सीधे खेतों की ओर हो रहा है. दूर-दूर तक फैले खेत पानी में डूबे हुए हैं. कई किसान अपने खेतों से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार पानी आने के कारण स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है. खेतों में तालाब की तरह जलभराव की वजह से मछलियां भी नहर से बह के आ रही है. एक तस्वीर भी खेतों से मछली पकड़ते हुए सामने आया है.
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नहर की मरम्मत कराने, खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो नुकसान और बढ़ सकता है.
वहीं इस मामले में जल संसाधन विभाग, कोड क्रमांक-90 के कार्यपालन अभियंता शिव कुमार चंद्राकर ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे और स्थिति का निरीक्षण किया है. उनके अनुसार इस स्थान पर पहले भी मरम्मत कराई जा चुकी है. फिलहाल लगातार बारिश होने के कारण तत्काल मरम्मत कार्य कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि नहर में जो पानी बह रहा है, वह किसानों के उपयोग के लिए छोड़ा गया सिंचाई का पानी है. बारिश कम होते ही आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा.
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फिलहाल दमकाडीह के किसान यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करे, नहर की स्थायी मरम्मत कराए और जिन किसानों की फसल जलमग्न होकर खराब हुई है, उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. क्योंकि एक बार फिर सिंचाई व्यवस्था की खामियों का खामियाजा किसानों को अपनी मेहनत और फसल गंवाकर भुगतना पड़ रहा है.
