धनतेरस के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली, जहां लगभग ₹12,000 करोड़ का बंपर कारोबार हुआ है. सोना-चांदी के गहने, कपड़ों, वाहनों और दूसरे सामानों की जमकर बिक्री हुई. अकेले रायपुर की बात करें तो राजधानी में 2000 करोड़ रुपये की खरीदी का अनुमान हैं. व्यापारियों के मुताबिक, महंगाई के बावजूद ग्राहकों का उत्साह बना रहा.
जमकर हुई खरीदारी
किसी ने चांदी के सिक्के खरीदे तो किसी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, कपड़े और घर की सजावट के सामान पर खर्च किया. सराफा और ऑटोमोबाइल के साथ मोबाइल, कंप्यूटर, कपड़े, रेडीमेड, फर्नीचर, ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, ड्राई फ्रूट्स, किराना, खाद्य तेल, फुटवियर और कॉस्मेटिक्स के बाजार में भी ग्राहकी रही. गिफ्ट और पैकेजिंग कारोबार में भी तेजी देखने को मिली.
सबसे ज्याादा बिका सोना-चांदी और गाड़ियां
सबसे ज्यादा अगर किसी चीज पर लोगों ने पैसा खर्च किया है तो हव है सोना-चांदी और गाड़ियां. इस धनतेरस के मौके पर छ्त्तीसगढ़ के लोगों ने जमकर सोना-चांदी और गाड़ियां खरीदी. सोना और चांदी में गिरावट आते ही रायपुर के बाजारों में रौनक लौट आई. सदर बाजार और गोलबाजार में खरीदारों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. मालवीय रोड के शोरूम में भी सुबह से ग्राहक पहुंच रहे हैं. लोग त्योहार के मौके पर आभूषण खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं.
हालांकि, बजट को ध्यान में रखते हुए लोग भारी गहनों के बजाय हल्के वजन की ज्वेलरी, सिक्के और छोटे आभूषण पसंद कर रहे हैं. पुराने गहनों को एक्सचेंज कर नए आभूषण खरीदने का विकल्प भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है.राष्ट्रीय स्तर पर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन ने धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण और सिक्कों की बिक्री करीब 66 हजार करोड़ रुपए रहने का अनुमान जताया है. यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 10% ज्यादा है.
देर रात तक खुली रही दुकानें
धनतेरस के मौके पर राजधानी रायपुर के सभी प्रमुख में बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिली. इसीलिए देर रात के बाजारों में दुकानें खुली रही और खरीदारी चलती रही
खबर बढ़ाई जा रही है…
