Raipur Court News: रायपुर. ग्राम रसनी के पास जनवरी 2024 में हुई सड़क दुर्घटना में 22 वर्षीय आयुष पटेल की मौत के मामले में अष्टम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रायपुर ने मृतक के परिजनों के पक्ष में 16 लाख 44 हजार रुपए क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है. अधिकरण ने दुर्घटना के लिए CRPF बस चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना है. आदेश 11 अगस्त 2026 को पीठासीन अधिकारी श्रीमती एकता अग्रवाल ने पारित किया.
मामला मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण क्रमांक 220/2024 से संबंधित है. 6 जनवरी 2024 को दोपहर करीब 1:30 बजे एनएच-53 पर ग्राम रसनी के पास बस क्रमांक OD 02 E 2240 की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार आयुष पटेल गंभीर रूप से घायल हो गया था. उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी. मृतक की मां ममता पटेल और बहन भूमिका पटेल ने 33 लाख 34 हजार रुपए क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए दावा प्रस्तुत किया था.
मृतक शराब के नशे में था ?
अधिकरण ने साक्ष्यों और पुलिस दस्तावेजों के आधार पर माना कि बस चालक अतुला कुमार ने वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए दुर्घटना कारित की. अदालत ने बचाव पक्ष की यह दलील स्वीकार नहीं की कि दुर्घटना मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही से हुई थी. साथ ही, मृतक के शराब के नशे में होने संबंधी आरोप को साबित करने के लिए कोई चिकित्सकीय या अन्य विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला.
अधिकरण ने मृतक की आय 10 हजार रुपए प्रतिमाह मानते हुए भविष्य की संभावनाओं के लिए 40 प्रतिशत वृद्धि जोड़ी. 22 वर्ष की उम्र के आधार पर 18 का गुणांक लागू करते हुए मृत्यु से भविष्य में होने वाली आय की क्षति 15 लाख 12 हजार रुपए निर्धारित की गई. इसके अलावा अंत्येष्टि व्यय 18 हजार, संपदा की हानि 18 हजार और साहचर्य की हानि के लिए 96 हजार रुपए निर्धारित किए गए. इस तरह कुल मुआवजा 16 लाख 44 हजार रुपए तय किया गया.
अधिकरण ने क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी बस के पंजीकृत स्वामी अनावेदक क्रमांक-02 पर तय की है. आदेश के मुताबिक मुआवजा राशि पर दावा प्रस्तुत करने की तारीख से अंतिम भुगतान तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा. राशि आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर अधिकरण में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं.
आदेश में मृतक की मां ममता पटेल के नाम 5 लाख रुपए पांच वर्ष तथा 4 लाख रुपए तीन वर्ष के लिए सावधि जमा कराने और बहन भूमिका पटेल के नाम 2 लाख रुपए तीन वर्ष के लिए सावधि जमा कराने का निर्देश दिया गया है. शेष 5 लाख 44 हजार रुपए में से मां को 70 प्रतिशत और बहन को 30 प्रतिशत राशि ब्याज सहित बचत खाते में देने का आदेश है.
ये खबर भी जरूर पढ़ें- IPS रतनलाल डांगी मामले में High Court से बड़ा अपडेट, गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जवाब तलब
