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होम्योपैथी कॉलेज की भर्ती पर उठे सवाल, विज्ञापन से प्रक्रिया तक संदेह

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Doctor(File Image)

रायपुर. रायपुर में नए सरकारी होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना के साथ ही शैक्षणिक पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है. कॉलेज में प्राचार्य, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 17 पदों पर 30 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू होना है. (Homeopathy college walk in interview complaints). भर्ती को लेकर शिकायत है कि विज्ञापन का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के बजाय इसे भाटापारा से प्रकाशित होने वाले एक अखबार में प्रकाशित कराया गया और बाद में विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए खुली भर्ती होने के बावजूद विज्ञापन की पहुंच सीमित क्यों रही. (Raipur Homeopathy College recruitment controversy)

भर्ती प्रक्रिया को लेकर मिल रही शिकायतों में कुछ पदों पर कथित तौर पर रिश्तेदारों की नियुक्ति के लिए पर्दे के पीछे से जोर आजमाइश किए जाने की बात भी कही जा रही है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में बुधवार को होने वाला वॉक-इन इंटरव्यू महत्वपूर्ण हो गया है. चयन प्रक्रिया और नियुक्तियों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के मानकों के अनुरूप हुई या नहीं. (Raipur Homeopathy College recruitment controversy)

पहले ही सात अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर

भर्ती प्रक्रिया पर दूसरा सवाल कॉलेज में पहले से की गई पदस्थापना को लेकर उठ रहा है. पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध नवस्थापित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी के संचालन के लिए विश्वविद्यालय की मांग पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 अगस्त 2026 को सात शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर भेजा है.

इनमें डॉ. संदीप कुमार राम, डॉ. सुमन बागची, डॉ. खेह गुप्ता, डॉ. विकास जायसवाल, डॉ. मधुरेखा सिंह, डॉ. सौम्या वर्गीस और डॉ. दिव्या शिखा शामिल हैं. इनमें डॉ. सुमन बागची को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है. ये सभी अधिकारी अलग-अलग जिलों के शासकीय होम्योपैथी औषधालयों में पदस्थ थे.
ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कॉलेज के लिए शैक्षणिक पदों पर खुली संविदा भर्ती की जा रही है, तब संस्थान की शुरुआती व्यवस्था में सात अधिकारियों को पहले ही तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर भेजने और अब 17 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को किस तरह समन्वित किया गया है. (Relative appointment allegation in homeopathy college raipur)

17 पदों के लिए आज साक्षात्कार

कॉलेज में प्राचार्य का एक, प्रोफेसर के पांच, एसोसिएट प्रोफेसर के पांच और असिस्टेंट प्रोफेसर के छह पदों पर भर्ती होनी है. कुल 17 पदों के लिए 30 सितंबर को सुबह 10 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू प्रस्तावित है. प्राचार्य और प्रोफेसर के पद के लिए एक लाख रुपए, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 80 हजार रुपए तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 60 हजार रुपए मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है.

50 सीटों की मान्यता की प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में रायपुर में सरकारी होम्योपैथी कॉलेज खोलने की घोषणा की थी. कॉलेज को बीएचएमएस की 50 सीटों की मान्यता दिलाने की प्रक्रिया भी चल रही है. ऐसे में संस्थान की स्थापना के शुरुआती चरण में ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रही शिकायतों ने इसकी कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है. भर्ती से जुड़े अधिकारियों के लिए अब यह भी चुनौती होगी कि वॉक-इन इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए.

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