छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ, कोर्ट से EOW को मिली 9 दिन की रिमांड
कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल
CG News: छत्तीसगढ़ राज्य के चर्चित 540 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले मामले में 3 साल से फरार चल रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल (आरजी) को आथिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने गिरफ्तार किया है. रामगोपाल के खिलाफ विशेष अदालत से स्थायी वारंट भी जारी हो चुका था.
आज यानी गुरुवार को रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया. EOW ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड की मांगी की थी, लेकिन कोर्ट ने 9 दिनों की पुलिस रिमांड पर रामगोपाल को भेजा है. अब रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे.
बेटे की गिरफ्तारी के बाद किया सरेंडर
लंबे समय से पुलिस रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कर रही थी और लगातार छापेमारी की जा रही थी, लेकिन वे काफी समय से अंडरग्राउंड थे. ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को उनके बेटे वैभव अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया. बेटे वैभव अग्रवाल से लगातार पूछताछ की गई. इसी बीच बुधवार दोपहर रामगोपाल अग्रवाल ने स्वयं ईओडब्यू मुख्यालय जाकर सरेंडर कर दिया. इसके बाद उनके बेटे को रात करीब 8:30 बजे ईओडब्यू ने छोड़ दिया.
कांग्रेस भवन के नाम पर दिखाई करोड़ों की एंट्री
मामले में ईओडब्यू के अनुसार कोयला घोटाले की जांच के समय कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के घर से एक डायरी जब्त की गई थी. इसमें कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की एंट्री दिखाई गई थी. जांच के दौरान सामने आया था कि यह राशि तत्कालीन पार्टी कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई. एजेंसी अब इस पूरे मामले में डायरी की एंट्री, रकम के स्त्रोत, राशि पहुंचाने वालें, प्राप्तकर्ताओं और उनके उपयोग के संबंध में पूछताछ करके जानकारी जुटा रही है.
ईओडब्यू के मुताबिक, शराब घोटाले की जांच में यह तत्थ भी सामने आया है कि अनवर ढेबर, अनिल टूटेजा और सहयोगियों ने रामगोपाल अग्रवार को कांग्रेस भवन के माध्यम से पहुंचाया है. इसके साथ ही कस्टम मिलिंग से जुडे़ मामले में राइस मिलर रोशन चंद्राकर ने भी करोड़ों रुपयें रामगोपाल तक पहुंचाने के संबंध में बयान दिया है. एजेंसी का कहना है कि इन सभी से पूछाताछ के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
पार्टी फंड के नाम पर 800 करोड़ रुपये लेने के आरोप
कोयला घोटाले की जांच में सामने आए बयानों के आधार पर रामगोपाल पर पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, यह रकम कथित तौर पर बोरी और कार्टन में लाकर बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी. मामले में कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल के निजी सहायक रहे देवेंद्र डड़सेना ने जांच एजेंसियों को दिए अपने बयान में दावा किया कि घोटाले से जुड़ा पैसा कांग्रेस भवन पहुंचता था और वहां से रामगोपाल के माध्यम से उसे पार्टी फंड में जमा कराया जाता था.
800 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन भेजे गए
जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि कोयले से जुड़े 52 करोड़ रुपये रामगोपाल तक पहुंचे थे. भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने अपने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन भेजे गए थे. वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी कथित तौर पर अपने बयान में स्वीकार किया है कि कोयले से प्राप्त रकम रामगोपाल तक पहुंचाई गई थी. मामले की जांच जारी है और आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा.
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