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नकली मंगलसूत्र विवाद पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किया खंडन, लिखा- वधू को चांदी का मंगलसूत्र देने का प्रावधान नहीं

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नकली मंगलसूत्र विवाद पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किया खंडन

No Silver Mangalsutra Provision Bride: सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र दिए जाने के विवाद के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग ने आधिकारिक खंडन जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत वधुओं को चांदी का मंगलसूत्र देने का कोई प्रावधान नहीं है. विभाग के अनुसार वर्ष 2013 में ही चाँदी के मंगलसूत्र प्रदान करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई थी.

विभाग ने कहा कि योजना के वर्तमान प्रावधानों के अनुसार लाभार्थियों को निर्धारित सामग्री और सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है, इसलिए चांदी के मंगलसूत्र को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं.

क्या है पूरा मामला?

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के रतनपुर के खड़गवां ब्लॉक के चनवारीडांड में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें 189 जोड़ों ने शादी की. दुल्हनों को मंगलसूत्र के साथ-साथ कई तोहफे दिए गए. शादी के कुछ दिनों बाद दुल्हनों ने शिकायत की, उपहारों के साथ मिले मंगलसूत्र काले हो रहे हैं. नवविवाहिताओं ने दावा किया कि उन्होंने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि ये गिलट का है.

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नकली गहने बांटने के आरोप

पीड़ित परिवारों का कहना है कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए चलाई जा रही योजना में इस तरह की लापरवाही सही नहीं है. कन्या विवाह योजना के तहत जो मंगलसूत्र दिया गया, वह नकली निकला. क्वालिटी खराब होने की वजह से उन्हें निराशा हुई. इलाके में पीड़ित परिवारों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है.

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