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सूरजपुर सोलर पावर प्लांट 9 महीने से बंद, कई गांवों में अंधेरा, भीषण गर्मी में जीने को मजबूर हजारों आदिवासी परिवार

surajpur solar power plant shutdown for 9 months thousands of tribal families are suffering

सूरजपुर: 9 महीने से सोलर पावर प्लांट बंद, मुसीबत में हजारों आदिवासी परिवार

CG News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के दूरस्थ पहाड़ी एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र चांदनी बिहारपुर अंतर्गत ओड़गी विकासखंड के ग्राम पंचायत उमझर के आश्रित ग्राम अमूवारीपारा में स्थापित सोलर पावर प्लांट पिछले 9 महीनों से बंद है. विभागीय लापरवाही के कारण गांव के आदिवासी परिवार अंधेरे में जीवन जीने मजबूर हैं.

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है

क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है. छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि शहरों में यदि 10 मिनट के लिए बिजली बंद हो जाए तो लोग बेचैन हो जाते हैं, लेकिन अमूवारी पारा के लोग पिछले 9 महीनों से अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं. गांव में रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है. मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं.

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अंधेरे की वजह से रात के समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है. ग्रामीण नरपति सिंह, मुस्कान सिंह, महेंद्र सिंह, सरनाम सिंह, बीर सिंह, मोहर सिंह एवं अफ्रीका सिंह ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रेड़ा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

ग्रामीणों ने कलेक्टर से की अपील

ग्रामीणों ने सूरजपुर कलेक्टर से मांग की है कि बंद पड़े सोलर पावर प्लांट का तत्काल सुधार कराया जाए ताकि गांव में बिजली व्यवस्था बहाल हो सके और लोगों को राहत मिल सके. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. क्रेड़ा विभाग ओड़गी ब्लॉक प्रभारी घनश्याम से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

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मरम्मत ना होने से प्लांट बंद होने की कगार पर

सबसे बड़ी बात है कि इस इलाके के दर्जन भर से अधिक गांव में बिजली नहीं है क्योंकि इन गांवों की बसाहट भौगोलिक दृष्टि से सामान्य नहीं है. यही वजह है कि यहां अभी तक बिजली नहीं पहुंच सकी है. इसके कारण यहां पर सोलर पावर प्लांट लगाकर लोगों के घरों में कुछ साल पहले बिजली पहुंचाने की कोशिश की गई थी लेकिन सोलर पावर प्लांट का सही तरीके से मरम्मत और देखरेख नहीं होने के कारण पावर प्लांट बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है. यहां गांव में रहने वाले लोग मोबाइल फोन, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स नहीं चला पा रहे हैं.

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