Ambikapur News: अंबिकापुर में जिला सत्र न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. इस पर अंबिकापुर के मणिपुर थाने में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. जिन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है, उनमें जनपद पंचायत के रिटायर्ड सीईओ के अलावा सब इंजीनियर, लिपिक, ग्राम पंचायत सचिव और तत्कालीन सरपंच के खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया है. इतना ही नहीं, करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य करने वाली दो ठेका कंपनियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है.
डीएमएफ की राशि में हेराफेरी का आरोप
अंबिकापुर में स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए करीब 1.32 करोड़ रुपये डीएमएफ मद से जारी किए गए थे और इसी राशि में निर्माण के दौरान अधिकारियों और इंजीनियरों ने ठेका कंपनियों के साथ मिलकर हेराफेरी की थी. इस पूरे मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता अभय नारायण पांडे ने सरगुजा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने पूरे मामले को कोर्ट के सामने पेश किया.
इसके बाद कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश जारी किया था, जिसके तहत पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर सकती है.
9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने मणिपुर थाने में रिटायर्ड जनपद सीईओ एसएन तिवारी, सब इंजीनियर विवेक प्रताप सिंह राठौड़, उपेंद्र सिंह सेंगर, लिपिक शैलेन्द्र मिश्रा, तत्कालीन पंचायत सचिव राम प्रकाश यादव, केशवपुर के तत्कालीन सरपंच इमतान सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल, अनन्या कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के खिलाफ आठ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है. बता दें कि फर्जी बिल और दूसरे दस्तावेज तैयार कर फर्मों के माध्यम से डीएमएफ मद की राशि में घोटाला किया गया है.
ये भी पढे़ं- सूरजपुर डबल मर्डर केस, पत्नी बोली – पति को दो फांसी, मेरा भी कराया था 1 करोड़ का इंश्योरेंस, जानें क्या मामला
