CG News: अंबिकापुर में साहब की स्वामिभक्ति के चर्चे! रातभर बड़े अधिकारी की आवभगत में रहे जुटे

CG News: रायपुर से विभागीय अधिकारी पहुंचे थे. बैठक का मकसद विभागीय कामकाज की समीक्षा करना था, लेकिन चर्चा है कि अंबिकापुर के संबंधित विभाग के साहब के लिए सबसे बड़ा काम अपने आला अधिकारी को खुश रखना बन गया.
Circuit House, Ambikapur (file photo)

सर्किट हाउस अंबिकापुर (फाइल फोटो)

CG News: सरकारी महकमों में इन दिनों एक साहब की स्वामीभक्ति खूब चर्चा में है. मौका था अंबिकापुर संभाग मुख्यालय में आयोजित एक अहम बैठक का, जिसमें रायपुर से विभागीय अधिकारी पहुंचे थे. बैठक का मकसद विभागीय कामकाज की समीक्षा करना था, लेकिन चर्चा है कि अंबिकापुर के संबंधित विभाग के साहब के लिए सबसे बड़ा काम अपने आला अधिकारी को खुश रखना बन गया.

चर्चा है कि रायपुर से आए अधिकारी जिस दिन सर्किट हाउस में ठहरे, उस दिन साहब ने उनकी आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी. अधिकारी के कमरे के बाहर देर रात तक डटे रहे. जब तक बड़े साहब सोने नहीं चले गए, तब तक उनकी हाजिरी लगती रही. अगली सुबह भी अधिकारी के उठने से पहले साहब दरवाजे पर हाजिर थे.

यह नजारा देखकर रायपुर से आए अधिकारी भी हैरान रह गए. उन्होंने कथित तौर पर पूछ लिया, “अरे, आप रात में घर नहीं गए क्या?” बस, फिर क्या था! चर्चा है कि साहब इस सवाल को अपनी मेहनत की तारीफ समझ बैठे. उन्हें लगा कि उनकी रातभर की ड्यूटी ने बड़े अधिकारी का दिल जीत लिया है.

बैठक कम, आवभगत की चिंता ज्यादा!

बैठक के दौरान भी साहब का पूरा जोर भोजन, नाश्ते और दूसरी व्यवस्थाओं पर दिखाई देने की चर्चा है. विभागीय समीक्षा के बीच उनकी सक्रियता का केंद्र कहीं नाश्ता था तो कहीं भोजन और मेहमानों की सुविधा. माहौल कुछ ऐसा बताया जा रहा है, मानो विभागीय बैठक नहीं, बल्कि किसी बारात की अगवानी हो रही हो और चिंता इस बात की हो कि कोई मेहमान नाराज होकर न लौटे.

चर्चा यहीं नहीं थमी. रायपुर से आए अधिकारी की रवानगी के समय उनके वाहन चालक को लेकर भी किस्सा सामने आया. कहा जा रहा है कि साहब ने चालक को भी दक्षिणा देकर खुश करने की कोशिश की, लेकिन दक्षिणा कम पड़ गई. इसके बाद उसे बढ़ाया गया.

छह महीने बाद रिटायरमेंट, फिर भी चर्चाओं में साहब!

इन साहब के बारे में सबसे दिलचस्प चर्चा यह है कि उनकी सेवानिवृत्ति में अब महज छह महीने का समय बचा है. विभागीय गलियारों में उनके पुराने कार्यकाल और कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. बताया जाता है कि कोरिया में पदस्थापना के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे और कुछ मामलों में जांच भी हुई थी.

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