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CG News: सरकार ने बलरामपुर DEO मनीराम यादव को पद से हटाया, 4.51 करोड़ की खरीदी में गड़बड़ी का था आरोप

District Education Officer Maniram Yadav removed from his post.

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव को पद से हटाया

CG News: बलरामपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव को राज्य सरकार ने उनके पद से हटा दिया है. यादव पर शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और खरीदी में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे थे. कलेक्टर की जांच में करीब 4.51 करोड़ रुपये की खरीदी से जुड़े मामले में अनियमितताएं सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा राज्य सरकार से की गई थी.

पहले भी चार बार हो चुके हैं निलंबित

DEO मनीराम यादव के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है. शिक्षा विभाग में अलग-अलग मामलों को लेकर वे पहले भी चार बार निलंबित हो चुके हैं. उनके खिलाफ करीब 2.42 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी समेत अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप और शिकायतें भी सामने आती रही हैं. मौजूदा मामले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शिक्षा विभाग को विभिन्न योजनाओं के लिए करीब 4.57 करोड़ रुपये का बजट मिला था.

4.51 करोड़ रुपये की खरीदी पर सवाल

इस बजट से विद्यार्थियों के लिए साइकिल, विज्ञान एवं तकनीकी सामग्री, फर्नीचर, स्वच्छता सामग्री, खेल उपकरण और स्टेशनरी सहित अन्य जरूरी सामान खरीदा जाना था. आरोप है कि खरीदी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और करीब 4.51 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर दी गई. कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएं पाए जाने की बात सामने आई थी.

कई अन्य मामलों में भी लगे आरोप

मनीराम यादव पर डीएफ, सफाई सामग्री, अध्ययन सामग्री, साइकिल वितरण और फर्नीचर खरीदी समेत कई मामलों में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा शासकीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में राजनीतिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं. उनके पूर्व पदस्थापना स्थलों से भी निलंबन, विभागीय जांच और शिकायतों से जुड़े मामले सामने आए हैं.

मूल पद पर वापस भेजे गए मनीराम यादव

राज्य सरकार ने मनीराम यादव को बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी पद से हटाकर उनके मूल पद पर वापस भेज दिया है. उन्हें सरगुजा जिले के परसा गांव स्थित शासकीय विद्यालय में प्राचार्य के पद पर पदस्थ किया गया है. इस कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ सामने आए पुराने मामलों और मौजूदा वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े प्रकरणों में आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी.

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