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Sushasan Tihar: मंच पर फूटा विधायक का गुस्‍सा, SP को लगाया फोन, बोले- अफसरों की ढिलाई से सरकार की छवि खराब हो रही

MLA Rohit Sahu

विधायक रोहित साहू

Sushasan Tihar: गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम पाटशिवनी में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने ही प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान राजस्व विभाग की कार्यशैली, अवैध शराब की बिक्री और अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर खुलकर नाराजगी सामने आई. पूरे दिन चले कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी बेझिझक अपनी परेशानियां अधिकारियों के सामने रखीं.

किसानों से वसूली के आरोपों ने बढ़ाई हलचल

कार्यक्रम की शुरुआत से ही माहौल गर्म नजर आया. जनपद पंचायत अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि नामांतरण और फौती जैसे सामान्य कार्यों के लिए किसानों को लंबे समय तक तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. वहीं जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा ने आरोप लगाया कि हीराबतर के एक किसान से काम कराने के नाम पर 40 हजार रुपए मांगे गए. इस मुद्दे ने शिविर में मौजूद अधिकारियों को असहज कर दिया.

विधायक ने मंच से दिखाई सख्ती

विधायक रोहित साहू ने भी प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने अवैध शराब की शिकायतों को गंभीर बताते हुए मंच से ही पुलिस अधीक्षक को फोन लगाया और छुरा थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर डाली. विधायक ने कहा कि अधिकारियों की ढिलाई से सरकार की छवि खराब हो रही है और जनता को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी.

ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं

शिविर के दौरान विधायक ने ग्रामीणों को सीधे माइक देकर अपनी समस्याएं बताने का मौका दिया. कुल 393 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश शिकायतें राजस्व, पुलिस और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी थीं. कलेक्टर भगवान सिंह उइके और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर की मौजूदगी में अधिकारियों से जवाब मांगा गया और कई मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए.

समय पर निराकरण का प्रशासन ने दिया भरोसा

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि कृषि विभाग के कृषि रथ को भी रवाना किया गया. प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का तय समय सीमा में निराकरण किया जाएगा और राजस्व मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. पाटशिवनी का यह शिविर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच जवाबदेही तय करने वाला एक अहम मंच बनकर सामने आया.

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