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अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव बरकरार! ITBP चीफ बोले- कई जगहों पर आमने-सामने भारतीय-चीनी सैनिक

India China border tension

ITBP DG बोले- चीन से अरुणाचल में झड़पें जारीं

India China border tension: भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव कम होने को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाते रहे हैं.  हालांकि इन सब दावों के बीच अब अरुणाचल प्रदेश से परेशान करने वाली खबर सामने आई है. जिसने हर किसी को परेशान कर द‍िया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा कि अरुणाचल में भारत और चीन के सैनिक कई जगहों पर आमने-सामने हैं. उनकी मानें तो कई एक नहीं बल्कि कई जगहों पर इस तरह की स्‍थ‍ित‍ि है.

भारत और चीन के बीच सीमा का कुछ हिस्सा अब तक स्पष्ट रूप से तय नहीं हो पाया है. दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं. मतलब ये कि दोनों ही देशों के अलग-अलग दावे हैं. ऐसे में जब दोनों देशों के सैनिक नियमित गश्त के दौरान एक ही इलाके में पहुंच जाते हैं, तो आमने-सामने आने और टकराव की स्थिति बन सकती है.

किस क्षेत्र में है सबसे ज्यादा तनाव?

हालिया तनाव अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के तवांग से अलग स्थित तक्सिंग क्षेत्र के आसपास सामने आया है. अब तक की रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई 2026 के आखिर में भारतीय और चीनी गश्ती दल माजा के पास आमने-सामने आ गए थे. इसके बाद इलाके में तनाव बना हुआ है. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि चीनी सैनिकों की ओर से टेंट भी इस जगह पर लगाए गए हैं.  हालांकि इस तरह के दावों की अब तक कोई पुष्टि नहीं हो पाई है.

अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन से नया विवाद नहीं है. यह काफी लंबा चला आ रहा है. चीन अरुणाचल के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता आ रहा है. जबकि भारत खुलकर कह चुका है कि वह उनका हिस्सा है. पिछले दिनों चीन की ओर से भारतीय इलाकों के नाम बदलने को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी.

ITBP चीफ ने क्या कहा?

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने राजस्थान के अलवर में जवानों को संबोधित करते हुए बताया कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हुआ है. स्थिति अब भी जारी है. उन्होंने इस दौरान शौर्य कमांडो टीमों के काम की तारीफ की, जिन्होंने इन परिस्थितियों में अहम भूमिका निभाई है.

कपूर के मुताबिक, चीन की सैन्य ताकत और आधुनिक हथियारों को देखते हुए भारत को भी अपनी तैयारी बदलनी होगी. इसके लिए ITBP अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है. उन्होंने यह भी बताया कि ITBP LAC के पास अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए भूमिगत शेल्टर बना रहा है.

ITBP अब सिर्फ पारंपरिक तरीकों से सीमा की सुरक्षा करने के बजाय आधुनिक तकनीक पर भी जोर दे रही है. इसके तहत हर सीमा सुरक्षा बटालियन में ड्रोन प्लाटून बनाई गई है. जवानों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. दुश्मन के ड्रोन को रोकने की क्षमता भी विकसित की जा रही है.

बातचीत के बाद भी तनाव क्यों नहीं हुआ खत्म?

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है.सितंबर में अरुणाचल प्रदेश के वाचा-दमाई सीमा बैठक केंद्र पर दोनों देशों के कोर कमांडरों की बातचीत भी हुई थी. इसके बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव बना हुआ है.

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