Naravane Book Controversy: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने चीन को अपनी जमीन सौंपी है. जनरल नरवणे ने साफ कहा कि भारत ने एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ी है.
Iran US War: भारत आने वाले जहाज जो चीन की तरफ मोड़ा गया है, उसको लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल के आयात को सुरक्षित करने में भारत को पेमेंट संबंधी कोई दिक्कत नहीं आई है. यह एक सामान्य प्रक्रिया है.
India Map Controversy: अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भारत का एक नक्शा शेयर किया गया है. इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और अक्साई चिन को भारत के हिस्से के तौर पर दिखाया गया है.
Tianshan Shengli Tunnel: चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी के चेयरमैन सोंग हैलियांग ने बताया कि इस सुरंग ने दो वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. उनके अनुसार, यह दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे सुरंग है और इसमें किसी भी अन्य हाईवे सुरंग की तुलना में सबसे गहरी वर्टिकल शाफ्ट बनाई गई है.
Hong Kong Fire: हांगकांग के एक आवासीय अपार्टमेंट परिसर में बुधवार की दोपहर भीषण आग लगने से 44 लोगों की मौत हो गई और 300 लोग अभी भी लापता हैं.
Arunachal Woman Shanghai Airport: थोंगडोक ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जब उनसे इस मामले की जानकारी लेने की कोशिश तो उन्होंने सीधा कहा कि 'अरुणाचल भारत का हिस्सा नहीं है.'
India-China Border: यह कॉम्प्लेक्स भारत की सीमा के इतने करीब है कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. गार काउंटी में बना यह ढांचा भारत के हवाई क्षेत्र को निशाना बनाने की क्षमता रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का यह कदम क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश है.
Tech War: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भी इस खतरे को गंभीरता से लिया है. एक मशहूर मामले में चीनी जासूस फैंग फैंग ने 2011 से 2015 तक कई अमेरिकी नेताओं को अपने जाल में फंसाया. उसने एक अमेरिकी सांसद एरिक स्वॉलवेल से भी नजदीकी बनाई थी. हालांकि, FBI ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह चीन भाग गई.
Donald Trump: ट्रंप ने अपने तेवर नरम करते हुए भारत के साथ रिश्तों को 'खास' बताया और कहा कि वह हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त रहेंगे.
खजाना ढूंढना तो पहला कदम है, लेकिन असली चुनौती तो उसे निकालना है. समुद्र की गहराइयों से इन खनिजों को निकालना आसान नहीं है और यह काम पर्यावरण के लिए भी खतरनाक हो सकता है. इस वक्त भारत के पास इन्हें निकालने की खास तकनीक नहीं है, और इसे विकसित करने में कुछ समय लगेगा.