Ashok Mittal AAP resignation: आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने का ऐलान कर दिया है. इनमें हाल ही राघव चड्ढा के हटाए जाने के बाद राज्यसभा डिप्टी लीडर बने अशोक मित्तल भी शामिल हैं. हालांकि उनके पार्टी बदलने के पीछे की वजह ईडी के छापे माने जा रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि डिप्टी लीडर बनाए जाने के बाद ही उनके कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी. इस छापेमारी के ठीक 10 दिन बाद ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया है
देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया. इसमें उन्होंने कहा कि AAP के दो तिहाई सांसद बीजेपी में शामिल होने वाले हैं. पिछले लंबे समय से पार्टी और राघव के बीच खींचतान चल रही थी.पार्टी बदलने वाले नामों में सबसे चौंकाने वाला नाम अशोक मित्तल का था.
क्यों अशोक मित्तल की चर्चा हो रही ज्यादा?
अशोक मित्तल की चर्चा होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि उन्हें ही राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया गया था. इसके बाद से ही वह चर्चा में आ गए थे. जब उपनेता बनाए जाने को लेकर अशोक मित्तल से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि यह एक तरह की सामान्य प्रक्रिया है.
कौन हैं अशोक मित्तल
अशोक कुमार मित्तल एक शिक्षाविद, उद्योगपति और राजनेता हैं, जो आम आदमी पार्टी की तरफ से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं. इसके साथ ही वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक चांसलर हैं. साल 2022 में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया. तब से ही वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। इनमें रक्षा समिति, वित्त समिति प्रमुख है.
उनका शुरुआती करियर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर शुरू हुआ था. उन्होंने पंजाब के जालंधर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है.
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