Azam Khan: समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ईडी ने कुछ दिन पहले ही उनके खिलाफ नया केस दर्ज किया था. अब इसी मामले में एजेंसी ने जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन-इमारतों को अपने कब्जे में ले लिया है. ईडी के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों की कीमत 426.46 करोड़ रुपए है. जबकि इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है.
ED का आरोप है कि सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ ठेकेदारों ने ठेकों से जुड़ी रकम और निर्माण सामग्री का एक हिस्सा यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया. इसके अलावा, सरकारी कामों के लिए मंजूर पैसों से यूनिवर्सिटी परिसर में निर्माण कराए गए.
ईडी ने किन आरोपों के बाद लिया एक्शन
एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर में विधायक और विधान परिषद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से करीब 6.60 करोड़ रुपये के काम कराए गए. वहीं, पंडाल, छात्रावास और अस्पताल ब्लॉक जैसे निर्माण कार्यों के लिए 23.41 करोड़ रुपये की सरकारी मंजूरी का भी मामला जांच के दायरे में है. ED का आरोप है कि सार्वजनिक पैसे से तैयार की गई कुछ संपत्तियों का स्वामित्व बाद में यूनिवर्सिटी को दे दिया गया.
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च का हिसाब है. ED के अनुसार, मूल्यांकन रिपोर्ट में परिसर की 59 इमारतों की निर्माण लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई. जमीन की कीमत जोड़ने पर कुल लागत करीब 499.09 करोड़ रुपये बैठती है. दूसरी ओर, ट्रस्ट ने आयकर रिटर्न में 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया था.
ED ने इससे पहले 19 अगस्त 2026 को यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी. जांच में मिले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर एजेंसी अब कथित अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई कर रही है. मामले में आगे की जांच जारी है.
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